एक समय था, जब बॉलीवुड नियमित रूप से बड़ी, बेबाक और मनोरंजक कॉमेडी फिल्में बनाता था, जिन्हें पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता था। तब फिल्में उपदेश देने, जटिल ट्विस्ट से दर्शकों को चौंकाने या सामाजिक संदेश देने की कोशिश नहीं करती थीं। उनका एकमात्र उद्देश्य...