पीवी सिंधु और आयुष शेट्टी को अपने-अपने प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ इंडोनेशिया ओपन की सिंगल्स कैटेगरी में भारत की चुनौती समाप्त हो गई। हालांकि, मेंस डबल्स जोड़ी हरिहरन अमसकारुनन और रुबन कुमार रेथिनासबपति अर्जुन ने एक कड़े मुकाबले में जीत हासिल करते हुए भारत की उम्मीदों को बरकरार रखा है।
गुरुवार को विमेंस सिंगल्स में सिंधु का अभियान वर्ल्ड नंबर 1 एन से यंग के हाथों खत्म हो गया। एन से यंग ने 'राउंड ऑफ 16' में भारतीय स्टार को 21-17, 21-15 से हराकर अपना दबदबा बनाए रखा। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट सिंधु ने शुरुआती गेम में काफी समय तक साउथ कोरियन खिलाड़ी को कड़ी टक्कर देते हुए अपने आक्रामक खेल की झलक दिखाई।
हालांकि, अहम मुकाबलों पर अपने खेल का स्तर ऊपर उठाने की एन की काबिलियत एक बार फिर निर्णायक साबित हुई। पहले गेम के आखिर में बढ़त बनाने के बाद, टॉप सीड खिलाड़ी ने दूसरे गेम में अपनी निरंतरता और कोर्ट कवरेज के बूते मैच पर पूरी तरह से नियंत्रण बनाए रखते हुए क्वार्टर-फाइनल में जगह बना ली।
सिंधु के बाहर होने के बाद, सिंगल्स ड्रॉ में भारत की उम्मीदें उभरते हुए युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी पर टिकी थीं। 21 वर्षीय आयुष ने हांगकांग-चीन के ली चेउक यियू के खिलाफ शानदार शुरुआत करते हुए पहला गेम 21-16 से जीता, लेकिन ली ने दूसरा गेम 21-13 से जीतकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।
भले ही आयुष ने तीसरे गेम की शानदार शुरुआत की, लेकिन हांगकांग के अनुभवी शटलर ने लगातार अंक बनाकर जोरदार वापसी की और अपनी बढ़त बनाए रखते हुए 16-21, 21-13, 21-14 से जीत हासिल कर ली। इस हार के साथ जकार्ता में भारत का सिंगल्स अभियान खत्म हो गया। इससे पहले टूर्नामेंट में लक्ष्य सेन और एचएस प्रणॉय भी पहले ही राउंड में बाहर हो गए थे।
इस निराशा के बीच, हरिहरन और अर्जुन ने पुरुषों के डबल्स मुकाबले में भारत की तरफ से दिन का सबसे शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय जोड़ी ने धीमी शुरुआत से उबरते हुए मलेशिया के ए. ताई और केएक्स कांग को 16-21, 21-15, 21-19 से हराकर क्वार्टरफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। सिंगल्स अभियान खत्म होने के साथ ही, अब सारा ध्यान पूरी तरह से डबल्स ड्रॉ पर चला जाएगा, जहां हरिहरन और अर्जुन का सामना दुनिया की पूर्व नंबर 1 जोड़ी गोह जे फेई-नूर इज्जुद्दीन रुमसानी से होगा।