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अफगानिस्तान में रिकॉर्ड 22.8 मिलियन लोग कर रहे हैं भुखमरी का सामना

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5 Dariya News

नई दिल्ली , 25 Oct 2021

Last updated on: Oct 25, 2021, 00:00 IST

खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) और संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (यूएनएफपी) के सह-नेतृत्व वाले अफगानिस्तान के खाद्य सुरक्षा और कृषि क्लस्टर द्वारा सोमवार को जारी की गई नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान की आधी से अधिक आबादी, यानी रिकॉर्ड 22.8 मिलियन लोग नवंबर से तीव्र खाद्य असुरक्षा का सामना करेंगे। सूखे, संघर्ष, कोविड-19 और आर्थिक संकट के संयुक्त प्रभावों ने जीवन, आजीविका और लोगों की भोजन तक पहुंच को बुरी तरह प्रभावित किया है। रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान के कठोर सर्दियों के दिनों में और कठनाई होने वाली है, जिससे देश के उन क्षेत्रों के कटने का खतरा है जहां परिवार ठंड के महीनों में जीवित रहने के लिए मानवीय सहायता पर निर्भर हैं। एकीकृत खाद्य सुरक्षा चरण वर्गीकरण (आईपीसी) रिपोर्ट में पाया गया है कि नवंबर 2021 से मार्च 2022 तक दो में से एक से अधिक अफगान संकट (आईपीसी चरण 3) या आपातकालीन (आईपीसी चरण 4) तीव्र खाद्य असुरक्षा के स्तर का सामना करेंगे। बुनियादी खाद्य जरूरतों को पूरा करने, आजीविका की रक्षा करने और मानवीय तबाही को रोकने के लिए तत्काल मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता है। 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र द्वारा आईपीसी विश्लेषण करने वाले 10 वर्षों में यह अब तक दर्ज की गई तीव्र खाद्य असुरक्षित लोगों की सबसे अधिक संख्या है।विश्व स्तर पर, अफगानिस्तान पूर्ण और सापेक्ष दोनों ²ष्टि से तीव्र खाद्य असुरक्षा से ग्रस्त लोगों की सबसे बड़ी संख्या में से एक है। एफएओ के महानिदेशक क्यू डोंग्यू ने कहा कि यह जरूरी है कि हम देश के एक बड़े हिस्से में सर्दियों के आने से पहले अफगानिस्तान में अपनी डिलीवरी को तेज करने और बढ़ाने के लिए कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से कार्य करें, जिसमें लाखों लोग, जिनमें किसान, महिलाएं, छोटे बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं भूख से मर रहे हैं। यह जीवन या मृत्यु का मामला है। हम और इंतजार नहीं कर सकते है और मानवीय आपदाओं को हमारे सामने प्रकट होते हुए नहीं देख सकते हैं। डब्ल्यूएफपी के कार्यकारी निदेशक डेविड बेस्ली ने कहा कि अफगानिस्तान अब दुनिया के सबसे खराब मानवीय संकटों में से एक है। वहां खाद्य सुरक्षा पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। इस सर्दी में, लाखों अफगान प्रवास और भुखमरी के बीच चयन करने के लिए मजबूर होंगे, जब तक कि हम अपनी जीवन रक्षक सहायता को आगे नहीं बढ़ाएंगे, और जब तक अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता है। 

हम तबाही की ओर लगाताल बढ़ रहे हैं और अगर हम अभी कार्रवाई नहीं करते हैं, तो हमारे हाथों से सब कुछ निकल चुका होगा। जोखिम वाले लोगों में पांच वर्ष से कम आयु के 3.2 मिलियन बच्चे हैं, जिनके वर्ष के अंत तक तीव्र कुपोषण से पीड़ित होने की संभावना है। अक्टूबर शुरुआत में, डब्ल्यूएफपी और यूनिसेफ ने चेतावनी दी थी कि तत्काल जीवन रक्षक उपचार के बिना दस लाख बच्चों को गंभीर कुपोषण से मरने का खतरा है। पहली बार, शहरी निवासियों को ग्रामीण समुदायों के समान दरों पर खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है, जो देश में भूख के बदलते चेहरे को चिह्न्ति करता है। बड़े पैमाने पर बेरोजगारी और चलनिधि संकट का मतलब है कि सभी प्रमुख शहरी केंद्रों को पूर्व मध्यवर्गीय आबादी सहित खाद्य असुरक्षा के आपातकाल (आईपीसी चरण 4) के स्तर का सामना करने का अनुमान है। ग्रामीण क्षेत्रों में, चार वर्षों में दूसरे सूखे का गंभीर प्रभाव 7.3 मिलियन लोगों की आजीविका को प्रभावित करना जारी रखेगा, जो जीवित रहने के लिए कृषि और पशुधन पर निर्भर हैं।

 

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