भारतीय पत्रकार कल्याण मंच एवं कुरुक्षेत्र जर्नलिस्ट क्लब के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया गया। प्रेस दिवस का आयोजन श्रीकृष्ण संग्रहालय के सभागार में मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर थानेसर के विधायक सुभाष सुधा मौजूद रहे व अध्यक्षता एसडीएम थानेसर अश्वनी मलिक ने की। इसके अलावा सीईओ केडीबी व सूचना, जनसंपर्क व भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक गगनदीप सिंह व जनसंचार विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के प्रवक्ता डा. अशोक शर्मा वशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। विधायक सुभाष सुधा ने दीप प्रज्जवलित करके प्रेस दिवस समारोह का शुभारंभ किया। सुभाष सुधा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में पत्रकार प्रहरी की भूमिका निभाता है। पत्रकार का कार्य तलवार की धार पर चलने वाला होता है जिसके न तो घंटों का हिसाब होता है और न ही दिन-रात का। पत्रकारिता का क्षेत्र बहुत व्यापक है। आज जिस रूप में पत्रकारिता के विभिन्न आयाम हमारे सामने है पूर्व में केवल समाचार पत्र ही पत्रकारिता का सशक्त माध्यम हुआ करता था। पत्रकारिता ने ही ब्रिटिश काल के दौरान पूरे देश में स्वतंत्रता की ऐसी अलख जगाई कि समाज का हर व्यक्ति स्वतंत्रता आंदोलन के साथ जुड़ गया था। उन्होंने कहा कि मीडिया जगत हमेशा से एक ऐसा व्यवसाय रहा है जहां पर चुनौतियां अधिक होती है और अवसर न के बराबर होते है फिर भी पत्रकार समाज को जागरूक करने की धुन में लगा रहता है। विधायक सुभाष सुधा ने पत्रकार दिवस के अवसर पर सभी पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाला समय सभी पत्रकारों के लिए नई सौगात लेकर आएगा। थानेसर एसडीएम अश्वनी मलिक ने कहा कि पत्रकारिता जगत की महत्ता लोकतंत्र में इस मायने में भी महत्वपूर्ण होती है क्योंकि एक पत्रकार ही प्रशासन और जनता के बीच का ऐसा सेतु होता है जो सरकार की नीतियों और योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि बेशक प्रशासन, सरकार की कार्यप्रणाली को अमलीजामा पहनाने का काम करता है परंतु उस कार्य को सार्थक करने में पत्रकार की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकारिता को प्रशासन व जनता के बीच से हटा दिया जाए तो प्रशासन का काम कभी भी सार्थक परिणाम नही दे सकता।
सीईओ केडीबी व सूचना, जनसंपर्क व भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक गगनदीप सिंह ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का ऐसा स्तंभ होता है जिसका काम सरकार के बीच रहकर नही होता लेकिन जिसके बिना लोकतंत्र की कल्पना अधूरी रहती है। विधानपालिका, न्याय पालिका व कार्य पालिका के कार्यों को सही मायनों में उसके परिणाम तक पहुंचाने में पत्रकारिता महत्वपूर्ण स्तंभ होता है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र के पत्रकारों के बीच उन्होंने एक बहुत लंबा समय गुजारा है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने से लेकर प्रशासनिक पदों पर रहते हुए ज्यादा लंबा समय उन्होंने कुरुक्षेत्र में ही बिताया। इस अवधि में उन्होंने पत्रकार और उनकी समस्याओं को भी बहुत करीब से देखा है। तमाम दिक्कतों के बावजूद पत्रकारों ने अपने निष्पक्ष पत्रकारिता के दायित्व को कभी नही छोड़ा। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र के पत्रकारों के बारे वे कह सकते है कि यहां का मीडिया अन्य के मुकाबले बेहतर और निष्पक्ष पत्रकारिता का पक्षधर रहा है। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि लौहगढ में बनाए गए किले के निर्माण के दौरान लिखे गए इतिहास के दौरान उनके सामने भी बहुत सारी कठिनाईयां और जोखिम आए। निष्पक्षता के साथ लिखने के समय उन्हें पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों का पहली बार आभास हुआ था। भारतीय पत्रकार कल्याण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन आश्री ने प्रेस दिवस के अवसर पर विधायक सुभाष सुधा, एसडीएम अश्वनी मलिक, सीईओ केडीबी गगनदीप सिंह व कुरुक्षेत्र जर्नलिस्ट क्लब के नवनिर्वाचित जुझारू अध्यक्ष डा. राजेश वधवा को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। पवन आश्री ने सभी पत्रकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय प्रेस दिवस के इस आयोजन में विभिन्न जिलों व केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाया जिसका वे दिल की गहराइयों से धन्यवाद करते है। उन्होंने कहा कि भारतीय पत्रकार कल्याण मंच सदैव पत्रकारों के हकों की आवाज उठाता आया है और भविष्य में भी पत्रकारों के कल्याण के लिए कुछ मांगे हरियाणा में गठित सरकार के समक्ष पेश करेगा जिसमें पत्रकारों के परिवारों का प्राइवेट अस्पतालोंं में मुफ्त इलाज की सुविधा के साथ-साथ वकीलों की तर्ज पर रिहायशी प्लॉट देना शामिल होगा। पिछले दिनों मंच के अथक प्रयासों के बाद मुख्यमंत्री द्वारा पत्रकारों की पेंशन लागू करने के लिए भारतीय पत्रकार कल्याण मंच का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री हरियाणा से मिलेगा और उनका आभार व्यक्त करेगा।
भारतीय पत्रकार कल्याण मंच के संरक्षक विनोद जिंदल ने कहा कि मौजूदा समय मीडिया के परिवर्तन का समय है। किसी समय जहां समाचार पत्रों का पत्रकारिता में लोहा माना जाता था उसके बाद एक समय इलेक्ट्रोनिक मीडिया का भी आया था लेकिन इस समय सबसे हावी और प्रभावी सोशल मीडिया है जिसकी मौजूदगी को कोई भी दरकिनार नही कर सकता है। सोशल मीडिया एक ऐसा माध्यम है जिससे कोई भी व्यक्ति अछूता नही है। उन्होंने सोशल मीडिया के विभिन्न उपकर्मों के माध्यमों के पत्रकारों का आह्वान करते हुए कहा कि आप लोग किसी भी मायने में कमतर नही है। विनोद जिंदल ने मंच से ओजस्वी स्वर में कहा कि सोशल मीडिया को किसी भी मायने में कम आंकने वाले सुनने कि आने वाला समय सोशल मीडिया का होगा जिसकी किसी को भी शंका नही होनी चाहिए।जनसंचार विभाग कुरुक्षेत्र के प्रवक्ता डा. अशोक शर्मा ने पत्रकारिता के इतिहास और स्वतंत्रता में पत्रकारिता के योगदान पर विस्तार से बताते हुए कहा कि पत्रकारिता कभी भी आसान नही रही है। पत्रकारिता हमेशा चुनौतियों भरा कार्य रहा है। प्रो. अशोक ने कहा कि स्वतंत्रता से पहले देश के अंदर जनसंचार के माध्यम बहुत अच्छे नही हुआ करते थे। फिर भी उस समय पूरे देश में इतना बड़ा आंदोलन खड़ा करने का कार्य केवल पत्रकारिता के माध्यम से ही संभव हो पाया था। उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में मीडिया के व्यापक रूप सामने आ चुके है। खासकर सोशल मीडिया इस समय सबसे प्रभावी माध्यम हमारे बीच है लेकिन आज भी समाचार पत्रों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण स्थान लोकतंत्र में रखती है। वरिष्ठ पत्रकार डा. राजेश चौहान ने पत्रकारिता को लोकतंत्र का सबसे मजबूत पिल्लर बताते हुए कहा कि पत्रकार हमेशा से चुनौतियों के बीच रहकर अपने पत्रकारिता धर्म का निर्वहन करते हुए आया है। छापाखाना से लेकर आज के डिजीटल युग तक पत्रकारिता के विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए पत्रकारों ने सच लिखने की कीमत भी अदा की है फिर भी पत्रकारिता से जुड़े हुए मीडिया कर्मियों ने सच लिखने और सच दिखाने के अपने कर्तव्य को बाखूबी निभाया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने आज पूरे विश्व को हथेली में कैद कर लिया है। पल झपकते ही धरती के दूसरे छोर पर घटित घटना अगले ही पल धरती के दूसरे अंतिम छोर तक पहुंच जाती है। डा. राजेश चौहान ने सभी पत्रकारों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए पत्रकारिता दिवस की बधाई दी।
प्रेस दिवस के अवसर पर दैनिक ट्रिब्यून के ब्यूरो चीफ विनोद जिंदल, दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ पंकज अत्रेय, विनोद चौधरी, पायनियर से सौरभ चौधरी, दैनिक भास्कर के मुख्य संवाददाता विकास बत्तान व सुखबीर सैनी, पंजाब केेसरी के मुख्य संवाददाता मेवा सिंह राणा, राकेश नरूला, विनोद अरोड़ा, पाला राम व मनीष सिंधवानी, वरिष्ठ पत्रकार सतीश चौहान, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मनोज वशिष्ठ, आज समाज के ब्यूरो चीफ डा. राजेश वधवा, एपीआरओ नरेंद्र सिंह, तरूण वधवा, चंडीगढ़ से वेदपाल, ऑल इंडिया रेडियो से अमरदीप, समय की ताकत से संपादक संजीव बंसल, संजय गर्ग, इलेक्ट्रोनिक मीडिया से सुनील कुमार, कुरुक्षेत्र जर्नलिस्ट क्लब के सचिव विक्रम शर्मा विक्की, चंद्र अग्रवाल, कुरुक्षेत्र जर्नलिस्ट क्लब के सचिव भारत साबरी, शलैश वत्स, प्रमोद कौशिक, कुरुक्षेत्र जर्नलिस्ट क्लब की सह सचिव मंजीत कौर, अदिति, विक्रम, कुरुक्षेत्र जर्नलिस्ट क्लब की सचिव संगीता, छाया शर्मा, दैनिक जागरण के संवाददाता रोहित लामसर, दैनिक ट्रिब्यून के केएल सचदेवा, पंजाब केसरी के रामकुमार व सोहन लाल, दैनिक ट्रिब्यून से राम सिंह चौधरी, दैनिक सवेरा से सुभाष सचदेवा, पंजाब केसरी के नरेश वधवा व संजीव बंसल, दैनिक भास्कर से सुरेश राणा, संजय वर्मा, जसबीर जस्सी, शमशेर सैनी, पृथ्वी, दैनिक सवेरा के ब्यूरो चीफ मोहित गुलाटी, अजीत समाचार राजेंद्र सिंह, पंजाब केसरी से दीपक शर्मा, हरिभूमि से अश्वनी खुराना, चंडीगढ़ से सुरेंद्र पाल वधावन, पंजाब केसरी के छायाकार राजेंद्र वीनस, सुबोध, पंजाबी ट्रिब्यून के सतनाम सिंह, कलायत से रामनिवास व रोहताश, जींद से ओमप्रकाश, अंबाला से सुभाष शर्मा, शेखर बंसल, सागर बंसल, केवल कृष्ण, राजन शर्मा, पवन चोपड़ा, जगमार्ग से कशिश, अंबाला से पंजाब केसरी के सब एडिटर संजीव कुमार, ढांड से अमर उजाला से नरेंद्र राणा, दैनिक जागरण से संजय तलवाड़, जनता टीवी से विजय मिगलानी, संजय कुकरेजा, नरेश ढांडा, शिवचरण, जसपाल, तेजवीर, अनिल धीमान, शाहबाद से सुभाष चंद, प्रदीप, गुलजार, अनिल कुमार, कृष्ण प्रजापति, शाहबाद से गोपाल कृष्ण गुप्ता, राकेश कश्यप, पृथ्वी सिंह, शाहबाद से दैनिक सवेरा के कुलवंत राय, करनाल से कृष्णा चौहान, महिपाल शर्मा, रणबीर चौहान, अरविंद मोहन शर्मा, हरीश भारद्वाज व हरिदास सहित प्रदेश भर से बहुत से मीडिया कर्मी मौजूद रहे।