चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव श्री एच. राजेश प्रसाद, आईएएस ने आज केंद्र शासित प्रदेश में लैंडस्टैक परियोजना तथा नक्शा (NAKSHA) पायलट कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गृह सचिव श्री मंदीप सिंह बराड़, आईएएस; वित्त सचिव श्री दिप्रवा लाकड़ा, आईएएस; नगर निगम चंडीगढ़ के आयुक्त श्री अमित कुमार, आईएएस; उपायुक्त, चंडीगढ़ श्री निशांत कुमार यादव, आईएएस; चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के प्रतिनिधि तथा सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने डेटा एकीकरण, भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, भू-खंडों की जीआईएस आधारित मैपिंग, स्वामित्व अभिलेखों के सत्यापन, विभागों के बीच डेटा साझाकरण तथा लैंडस्टैक पोर्टल के माध्यम से नागरिक-केंद्रित सेवाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्हें अवगत कराया गया कि विभिन्न विभागों के भूमि संबंधी अभिलेखों को एकीकृत कर एक एकल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने कहा कि लैंडस्टैक परियोजना भूमि प्रशासन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने वाली एक परिवर्तनकारी पहल है। इसके पूर्ण रूप से लागू होने के बाद नागरिकों को एक ही पोर्टल पर भूमि संबंधी समग्र जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी, जिससे सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी तथा संपत्ति संबंधी सेवाएं अधिक तेज, सरल और पारदर्शी बन सकेंगी।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के अभिलेखों को प्रत्येक संपत्ति के साथ एकीकृत करना एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया है। इसलिए डेटा की गुणवत्ता और शुद्धता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को उपायुक्त कार्यालय तथा एनआईसी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए शेष कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को भूमि अभिलेखों, स्वामित्व विवरण, नक्शों तथा अन्य संपत्ति संबंधी सूचनाओं का गहन सत्यापन करने के बाद ही उन्हें पोर्टल में एकीकृत करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित प्रारूपों एवं दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। मुख्य सचिव ने संपत्तियों से संबंधित विभिन्न उपयोगिता सेवाओं को भी लैंडस्टैक पोर्टल के साथ एकीकृत करने पर बल देते हुए कहा कि इससे डिजिटल भूमि प्रशासन के क्षेत्र में चंडीगढ़ देश के अग्रणी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल होगा।
मुख्य सचिव ने नक्शा (NAKSHA) पायलट कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की तथा अब तक किए गए कार्य पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने चयनित गांवों में तत्काल दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि पायलट परियोजना के अंतर्गत आने वाले आबादी देह क्षेत्रों के निवासियों को शहरी संपत्ति कार्ड जारी किए जा सकें।
उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में इस पहल का विस्तार पूरे केंद्र शासित प्रदेश में किया जाए, ताकि चंडीगढ़ के लिए एक व्यापक एवं प्रमाणित शहरी भूमि अभिलेख प्रणाली विकसित की जा सके। उन्होंने भूमि अभिलेखों की प्रामाणिकता, अखंडता एवं दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक एवं सुरक्षित डिजिटल तकनीकों के उपयोग पर भी विशेष बल दिया।
उपायुक्त, चंडीगढ़ श्री निशांत कुमार यादव, आईएएस ने बैठक को अवगत कराया कि दोनों परियोजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा सभी संबंधित विभाग निर्धारित समय-सीमा के भीतर शेष कार्यों को पूरा करने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी एवं सुदृढ़ डिजिटल भूमि प्रशासन प्रणाली विकसित करने के प्रति चंडीगढ़ प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को मिशन मोड में कार्य करते हुए लैंडस्टैक परियोजना एवं नक्शा (NAKSHA) पायलट कार्यक्रम का समयबद्ध एवं सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।