हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने गुरुग्राम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों और संबंधित अधिकारियों के साथ विशेष गहण पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा मतदाता गणना प्रपत्र भरने और पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने एवं अपात्र नामों के संबंध में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान एडिशनल सीईओ श्रीमती रितु और श्री अपूर्व व ज्वॉइंट सीईओ श्री राज कुमार लोहान चंडीगढ़ स्थित न्यू सिविल सचिवालय से बैठक में मौजूद रहे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल होना सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी योग्य नागरिक का नाम छूटने न पाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने अब तक की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि घर-घर संपर्क कर शेष पात्र मतदाताओं से गणना प्रपत्र समयबद्ध तरीके से प्राप्त किए जाएं।
उन्होंने कहा कि अभियान के अंतिम चरण में प्रत्येक बूथ पर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना प्राथमिकता है और इसके लिए किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलों को ड्राफ्ट सूची का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बूथ स्तरीय अधिकारियों द्वारा घर-घर सत्यापन का कार्य अब 24 जुलाई तक किया जाएगा और मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 31 जुलाई को होगा। इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।
प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 सितंबर तक किया जाएगा तथा 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का प्रदेश में पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है और प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम इसमें शामिल होना अत्यंत आवश्यक है। हमारा प्रयास है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध तरीके से सम्पन्न हो।