पंजाब के बिजली बुनियादी ढांचे को भरपूर समर्थन देते हुये बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने वित्तीय साल 2024-25 के दौरान लुधियाना शहर में बड़े स्तर पर पावर डिस्ट्रीब्यूशन नैटवर्क सम्बन्धी सुधार कामों को सफलतापूर्वक लागू करने का ऐलान किया है। इस व्यापक पहलकदमी को 221 करोड़ रुपए के कुल निवेश के साथ पूरा किया जायेगा, जिसका उद्देश्य बिजली के कटों को कम करना, नुक्सानों को घटाना और भावी माँग के लिए ग्रिड को तैयार करना है।
आज यहाँ जारी एक बयान में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह पहल राज्य के बिजली क्षेत्र के आधुनिकीकरण में एक नये युग का आग़ाज़ है। हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि लुधियाना के बिजली बुनियादी ढांचे का अपग्रेडेशन हमारे नागरिकों को निर्विघ्न, उच्च-गुणवत्ता वाली बिजली मुहैया करने के हमारे मिशन में एक अहम कदम है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार आर्थिक विकास और उपभोक्ताओं की तसल्ली के लिए बिजली स्पलाई लड़ी को और मज़बूत करने के लिए वचनबद्ध है।
बिजली मंत्री ने कहा कि 19 पावर ट्रांसफ़र्मरों को 20 ऐमवीए से 31.5 ऐमवीए में सफलतापूर्वक अपग्रेड किया गया है और तीन 220 केवी उच्च-क्षमता वाले ट्रांसफ़र्मरों की क्षमता 100 ऐमवीए से 160 ऐमवीए तक बढ़ाई गई है। इसके इलावा 2 नये 20 ऐमवीए ट्रांसफ़र्मर भी कार्यशील किये गए हैं। पीएसपीसीएल ने अतिरिक्त ट्रांसफ़र्मर लगाने के लिए 125 करोड़ रुपए का निवेश किया है।
बिजली लाईनों के आधुनिकीकरण के लिए लगभग 450 किलोमीटर हाई-टेंशन ( ऐचटी) और 470 किलोमीटर लौ- टेंशन (ऐलटी) लाईनों को अपग्रेड या बदला गया। 13 करोड़ रुपए की लागत के साथ पुरानी एसीएसआर लाईनों को एडवांस्ड ऐचटीऐलऐस कंडकटरों के साथ बदला गया है। चोरी-प्रभावित क्षेत्रों में एलटी लाईनों की चोरी को घटाने के लिए इंसूलेटड केबलों में तबदील किया गया है।
बिजली मंत्री ने आगे कहा कि ट्रांसफार्मर नैटवर्क को और मज़बूत करने के लिए 47 करोड़ रुपए के निवेश के साथ 921 नये डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफ़र्मर और 396 ओवरलोडिड ट्रांसफ़र्मरों को बदलने का काम किया गया है।वितरण लोड को अनुकूल बनाने और बिजली कटौती का समय घटाने के लिए 79 ओवरलोडिड फीडरों को बाँटा गया, जिससे बिजली स्पलाई की भरोसे योग्यता में सुधार हुआ। फीडर अनुकूलन कार्य के लिए 23 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है।
बिजली मंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में 92,757 से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जाने से बिजली चोरी पर रोक लगी है और बिलिंग में आठ फीसद का सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि हाल ही में किये गए सुधार कामों ने बिजली खपतकारों की सभी श्रेणियों को काफ़ी लाभ पहुँचाया है। सबसे महत्वपूर्ण नतीजे व्यवस्था की उपलब्धता का विस्तार है, जो उपभोक्ताओं को और ज्यादा भरोसेमन्द और निरंतर बिजली की स्पलाई को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि वोलटेज से सम्बन्धित शिकायतों और खपतकार की ओर शिकायतों में काफ़ी गिरावट आई है, जो कि नवीतम सुधारों की प्रभावशीलता को दर्शाती है। सुधार योजना के हिस्से के तौर पर लागू किये गए सुरक्षा प्रोटोकोल के नतीजे के तौर पर बिजली हादसों की घटनाओं में भी महत्वपूर्ण कमी आई है, जो कर्मचारियों और लोगों दोनों के लिए और ज्यादा सुरक्षा को यकीनी बनाती है।
बिजली मंत्री ने वित्तीय सालों 2025-26 और 2026-27 के लिए बनाया गया राज्य का अहम नक्शा सांझा किया, जिस दौरान बिजली बुनियादी ढांचे को और मज़बूत करने के लिए करीब 728 करोड़ रुपए का निवेश किया जायेगा। इस योजना के अंतर्गत मुख्य पहलकदमियों में 14 नये सबस्टेशनों का निर्माण, जिसकी अनुमानित लागत 280 करोड़ रुपए है और 65 करोड़ रुपए के निवेश के साथ ग्यासपुरा में अत्याधुनिक 220 के. वी. जी. आई. एस. सबस्टेशन को अगले 15 दिनों के अंदर मुकम्मल करना, शामिल है।
इसके इलावा, 87.5 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत के साथ, बेहतर लोड प्रबंधन और बिजली कटौती को घटाने के लिए 175 फीडरों को उचित ढंग के साथ बाँटने और नवीनीकरण करने की योजना है। इस योजना में 60.5 करोड़ रुपए की लागत के साथ 2010 नये डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफ़र्मरों की स्थापना भी शामिल है, इसके साथ ही 20 नये पावर ट्रांसफ़र्मरों की बढ़ोतरी के लिए 70 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
इन व्यापक और नवीनतम सुधारों के लिए, आने वाले वित्तीय समय के लिए बजट पहले ही मंज़ूर किया जा चुका है, जो कि एक आधुनिक, कुशल और भविष्य के लिए तैयार बिजली वितरण प्रणाली उपलब्ध कराने के लिए सरकार की वचनबद्धता को दर्शाता है।विभाग की प्राप्तियों की सराहना करते हुए हरभजन सिंह ई. टी. ओ. ने शहरी क्षेत्रों में बिजली की तारों डालने सम्बन्धी मसले, मौसम सम्बन्धी रुकावटें और कुशल मानवीय शक्ति की कमी जैसे मुद्दों को उजागर किया।
उन्होंने भूमिगत केबलिंग, डिजिटल निगरानी और क्षमता निर्माण आदि पहलकदमियों में तेज़ी लाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।कैबिनेट मंत्री ने कहा, ‘‘यह तबदीली तो केवल शुरुआत है।’’ हम एक मज़बूत और आधुनिक बिजली बुनियादी ढांचा बना रहे हैं, जो न सिर्फ़ आज की माँग को पूरा करेगा बल्कि भविष्यमुखी और सुचारू भी होगा।’’
इसके इलावा बिजली मंत्री ने कहा, ‘‘लुधियाना के बिजली वितरण नैटवर्क का बड़े स्तर पर बदलाव मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व का प्रत्यक्ष सबूत है। पंजाब के लोगों के लिए सार्थक और ठोस नतीजे प्रदान करने के लिए उनकी सहृदय सोच हमें अपने बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने के लिए समय पर फ़ैसले लेने के लिए ऊर्जा देती है।
चाहे यह 728 करोड़ रुपए के बजट अलाटमैंट के लिए मंजूरी हो या स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल निगरानी पर ज़ोर, यह उनकी दूरदर्शिता है, जो पंजाब को भरोसेमन्द, कुशल और भविष्य के लिए तैयार बिजली प्रणालियों के युग में लीजा रही है। हमें उनके इस सपने को ज़मीनी स्तर पर लागू करने में मान महसूस कर रहे हैं।’’