वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि मध्य हिमालयी जलागम विकास योजना के दूसरे चरण में प्रदेश की 102 अतिरिक्त पंचायतों को शामिल किया जाएगा। इस पर 235.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। श्री भरमौरी आज यहां आयोजित मध्य हिमालयी जलागम विकास परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।भरमौरी ने कहा कि इस परियोजना के दूसरे चरण की अवधि तीन वर्ष होगी, जो मार्च, 2016 तक कार्यान्वित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना का प्रथम चरण प्रथम अक्तूबर, 2005 से आरम्भ हुआ था, जो 31 मार्च, 2013 को समाप्त हो गया है। प्रथम चरण में 365 करोड़ रुपये खर्च कर 602 पंचायतों को शामिल किया गया था। इस प्रकार, अब दूसरे चरण में 102 पंचायतों को शामिल कर दोनों चरणों में कुल 704 पंचायतें इसके अन्तर्गत लाभान्वित होंगी। इस प्रकार दोनों चरणों में लगभग 13 लाख लोग इस परियोजना से लाभान्वित होंगे।
वन मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से प्राकृतिक संसाधनों को पुनर्जीवित किया जा रहा है ताकि उनकी उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर ग्रामीण लोगों की आय को बढ़ाया जा सके। प्रदेश में विश्व बैंक, प्रदेश सरकार और जन सहभागिता से यह परियोजना कार्यान्वित की जा रही है।उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के उत्थान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय कार्य योजना के तहत अभी तक 4530 सामुदायिक प्रबंधन प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर 8250 ‘किट्स’ प्रदान की गई हैं। इसके अलावा, 4.6 लाख रुपये की पशुओं की दवाइयां प्रदान कर पशु नस्ल में सुधार किया गया है। चरागाहों में ठहरने के लिए 5000 त्रिपाल भी प्रदान किए गए हैं।श्री भरमौरी ने इस परियोजना के बेहतर कार्यान्वयन एवं पारिस्थितिकीय संतुलन को बनाए रखने के दृष्टिगत वानिकी पौधरोपण के लिए अधिक से अधिक धन आबंटित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस वित्तीय वर्ष के दौरान परियोजना के तहत आरम्भ किए गए कार्यों को गति प्रदान करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने योजना के बेहतर कार्यन्वयन के लिए रिक्त पदों को भरने का आश्वासन भी दिया।
उन्होंने जलागम गतिविधियों के तहत सीमेंट और कंकरीट का कम से कम उपयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि भूमि की जल संग्रहण क्षमता बनी रहे। उन्होंने योजना के अन्तर्गत संरक्षित की जा रही भूमि के चारों ओर बाड़ लगाने के लिए लकड़ी के खम्भों के स्थान पर कंकरीट व लोहे के खम्भों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिय।बैठक में वन विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री केवल सिंह पठानिया, मध्य हिमालयी जलागम विकास परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक श्री अवतार सिंह, क्षेत्रीय परियोजना निदेशक, बिलासपुर एवं धर्मशाला सर्वश्री समीर रस्तोगी एवं डॉ. पवनेश शर्मा, उप वन अरण्यपाल श्री अनिल कुमार शर्मा, उप-परियोजना निदेशक श्रीमती मीरा शर्मा, एसएमएस पशुपालन श्री विवेक लांबा, कार्यकारी अभियन्ता श्री विमल कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।