वन, मत्स्य पालन और जनजातीय विकास मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने शनिवार को मणिकर्ण घाटी के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल कसोल के वन विश्राम गृह परिसर में लगभग साढे तेरह लाख रुपये की लागत से निर्मित गर्म पानी के स्नानगृह का उद्घाटन किया। उन्होंने कसोल में ही वन विभाग द्वारा बनाए जाने वाले नेचर पार्क का शिलान्यास भी किया। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए भरमौरी ने बताया कि इस नेचर पार्क पर एक करोड़ 35 लाख की धनराशि खर्च होगी। उन्होंने कहा कि वन विश्राम गृह परिसर में गर्म पानी के स्नानगृह के चालू होने से देश-विदेश के पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा कसोल का नेचर पार्क भी समूची घाटी के पर्यटन उद्योग में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से क्षेत्र में ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की वन संपदा को ईको टूरिज्म से जोड़ने के लिए वन विभाग महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों के आस-पास नेचर पार्क विकसित कर रहा है। इन नेचर पार्कों की बाउंड्री पर कंक्रीट की दीवारें लगाने के बजाय पौधारोपण किया जाएगा। भरमौरी ने कहा कि प्रदेश के हरित आवरण व वन संपदा में वृद्धि के लिए एक नई क्रांति लाई जाएगी। इसके लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है तथा इन पौधों की सही देखभाल भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि मणिकर्ण-खीरगंगा-मानतलाई से पिन घाटी तक जाने वाले ट्रैकरों की सुविधा के लिए पांडू पुल का शीघ्र ही निर्माण किया जाएगा। इसके लिए वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भंुतर-मणिकर्ण-बरशैणी सड़क की तुरंत मरम्मत के निर्देश भी दिए।
भरमौरी ने कहा कि वन संपदा के संरक्षण व संवर्द्धन के साथ-साथ कचरा प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने स्थानीय पंचायत के जनप्रतिनिधियों, पर्यटन व्यवसायियों और वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे कसोल, मणिकर्ण और घाटी के अन्य पर्यटक स्थलों पर ठोस कचरे के निष्पादन के लिए उचित प्रबंध करें। इससे पहले मणिकर्ण वैली होटलियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन ठाकुर ने वन मंत्री का स्वागत किया तथा क्षेत्र की मांगें उनके समक्ष रखीं। पूर्व मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर, प्रदेश कांगे्रस महासचिव सुंदर सिंह ठाकुर और धर्मवीर धामी ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान वन अरण्यपाल बीएल नेगी, एसडीएम रोहित राठौर, डीएफओ एचएल राणा, डीएफओ डा. नीरज चड्ढा, डीएफओ कृपाशंकर और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।