बिहार विधानसभा चुनाव में भले ही महागठबंधन की जीत हुई हो, लेकिन जनता दल (युनाइटेड) अब अपने चुनाव चिह्न् को बदलने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी के चुनाव चिन्ह 'तीर' से मिलते-जुलते कई चुनाव चिह्न् होने के कारण पार्टी को नुकसान उठाना पड़ रहा है। नीतीश ने पटना में संवाददाताओं से कहा कि 'तीर' से मिलते-जुलते अन्य चुनाव चिह्न् पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
हाल में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भी कई सीटों पर मिलते-जुलते चुनाव चिन्हों के कारण पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा। नीतीश ने कहा, "चुनाव चिह्न् बदलने को लेकर पार्टी में बातचीत चल रही है और आमतौर पर सहमति भी बन गई है।"उन्होंने चुनाव चिह्न् 'चक्र' के मुद्दे पर कहा कि अगर चुनाव आयोग चाहे तो पार्टी को 'चक्र' चुनाव चिह्न् से कोई परहेज नहीं है। जनता दल में विभाजन के बाद चक्र निशान को चुनाव आयोग ने रिजर्व कर रखा है। शिवसेना का चुनाव चिन्ह 'तीर-धनुष' है। झारखंड मुक्ति मोर्चा का चुनाव चिन्ह भी इससे मिलता-जुलता है। बिहार विधानसभा चुनाव में इन दोनों दलों ने भी अपने प्रत्याशी उतारे थे।