हरियाणा के आबकारी एवं कराधान मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा है कि ‘सी’ फार्म की ऑनलाइन सुविधा को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला है। आज यहां जारी एक ब्यान में उन्होंने कहा कि यह सुविधा प्रदेश के व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए एक वरदान साबित हुई है। ‘सी’ फार्म के ऑनलाइन होने से पारदर्शिता आई है और इस दिशा में जबाबदेही सुनिश्चित हुई है।कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि विभाग ने 1 जून, 2015 और 4 सितंबर, 2015 के बीच ऑनलाइन ‘सी’ फार्म के लिए लगभग 1,63,362 आवेदन प्राप्त किये हैं जिनमें से 1,26,911 को मंजूरी दे दी गई है और केवल 5862 आवेदन लंबित हैं जो कि कुल आवेदनों का केवल 3.6 प्रतिशत है।कैप्टन अभिमन्यु ने कहा है कि विभाग द्वारा 1 जून, 2015 को राज्य में पंजीकृत डीलरों के लिए ‘सी’ फार्म को ऑनलाइन जारी करने की सुविधा शुरू की गई थी।
इस सुविधा का शुभारम्भ मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा किया गया था ताकि डीलर किसी भी समय और कहीं से भी ‘सी’ फार्म के लिए आवेदन कर सकें तथा इसे पंजीकृत ई-मेल के माध्यम से प्राप्त कर सकें । ‘सी’ फार्म के आवेदन के निपटान के लिए पांच कार्य दिवस का अधिकतम समय तय किया गया है।डीलरों के मार्गदर्शन और मदद के लिए डीलर नियमावली विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करवाई गई है। सुविधा के सुचारू क्त्रियान्वयन के लिए सभी हितधारकों की ट्रेनिंग प्रदेश में करवाई गयी है। ‘सी’ फार्म से संबंधित शिकायतों के निपटान के लिए एक हेल्पलाइन भी स्थापित की गई है और अबतक 3835 शिकायतों का निपटान किया गया जा चुका है।मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार त्वरित और पारदर्शी सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और हमें पूर्ण विश्वास है कि पूरे वैट व एक्साइज विभाग के काम को ऑनलाइन होने पर व्यापारियों का सरकार पर विश्वास बढेगा जिसके परिणामस्वरूप राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।उन्होंने डीलरों का आह्वान किया कि वे कंप्यूटरीकरण की प्रक्त्रिया में अधिक से अधिक सहयोग करें क्योंकि इसका सबसे ज्यादा लाभ उन्हें ही मिलने वाला है।