बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में दशहरा उत्सव के बाद मची भगदड़ की घटना के करीब एक सप्ताह के बाद शुक्रवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उनके अनुभव के अनुसार भीड़ प्रबंधन में कुछ कमी रह गई थी। बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने घटना के बाद भले ही जांच टीम का गठन कर दिया हो और जांच टीम भी जन सुनवाई कर प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवारों का बयान दर्ज कर रही हो परंतु पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कमी से संबंधित बयान देकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पटना में पत्रकारों द्वारा मची भगदड़ के सवाल पर नीतीश ने कहा, "लागों की जितनी बातें सुनी और मुझे जितना तजुर्बा और काम का अनुभव है उसके अनुसार गांधी मैदान में जिस तरह की भीड़ प्रबंधन एहतियाती तौर पर की जानी चाहिए थी उसमें कुछ कमी अवश्य रह गई थी।"
उल्लेखनीय है कि गत शुक्रवार को पटना के गांधी मैदान में रावण दहन कार्यक्रम के बाद मची भगदड़ में 33 लोगों की मौत हो गई थी और 29 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। बिहार सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए गृह सचिव आमिर सुबहानी और अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) गुप्तेश्वर पांडेय की दो सदस्यीय टीम का गठन किया है। दोनों अधिकारियों ने पिछले दो दिनों में जनसुनवाई कर प्रत्यक्षदर्शियों का बयान दर्ज किया है तथा जल्द ही रिपोर्ट सौंप देने की बात कही है। घटना के बाद सरकार ने पिछले रविवार को पटना के आयुक्त, पुलिस उप महानिरीक्षक, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक का तबादला कर दिया।