भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने आज जिला न्यायालय परिसर, सेक्टर-43, चंडीगढ़ में नव-निर्मित बहुस्तरीय पार्किंग सुविधा का उद्घाटन किया। लगभग ₹65.64 करोड़ की लागत से चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा विकसित यह परियोजना जिला न्यायालय परिसर में लंबे समय से चली आ रही पार्किंग की समस्या के समाधान के उद्देश्य से तैयार की गई है।
4.5 एकड़ क्षेत्र में फैली इस सुविधा के प्रथम चरण में 1,174 कारों की पार्किंग क्षमता है। यह सुविधा अधिवक्ताओं, वादकारियों, न्यायाधीशों, न्यायालय कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों तथा आम जनता को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुविधाजनक पार्किंग उपलब्ध कराएगी। उद्घाटन समारोह में पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया; भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए. जी. मसीह; न्यायमूर्ति शील नागू; पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा; पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश तथा माननीय भवन समिति, यू.टी. चंडीगढ़ के अध्यक्ष न्यायमूर्ति दीपक सिब्बल; पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे. एस. पुरी; आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति लिसा गिल; पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के वर्तमान एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश; यू.टी. चंडीगढ़ के सांसद; चंडीगढ़ की महापौर; वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी; चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी जिनमें गृह सचिव, वित्त सचिव एवं स्थायी अधिवक्ता, यू.टी. चंडीगढ़; भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल; बार के सदस्य; पुलिस अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
भारत के मुख्य न्यायाधीश के आगमन पर उद्घाटन पट्टिका का अनावरण किया गया, जिसके पश्चात राष्ट्रगान से पूर्व राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत किया गया। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा ने भारत के मुख्य न्यायाधीश, श्री गुलाब चंद कटारिया तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि चंडीगढ़ उनके जीवन में एक विशेष स्थान रखता है क्योंकि यह उनकी “कर्मभूमि” है। उन्होंने इस उद्घाटन को भावनात्मक क्षण बताते हुए शहर में न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पार्किंग सुविधा जिला न्यायालय की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता को पूरा करती है, जहां अधिवक्ताओं और वादकारियों को वर्षों से पार्किंग संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
उन्होंने बार के सदस्यों से इस सुविधा का उचित उपयोग करने तथा पार्किंग अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समाज की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत ढांचे का विकास होना चाहिए। नागरिक हितैषी सुविधाएं न्याय तक पहुंच को सरल बनाती हैं तथा न्याय प्रणाली के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत करती हैं।
उन्होंने कहा कि सभी हितधारकों के लिए टिकाऊ एवं प्रभावी आधारभूत ढांचे के विकास के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ न्यायिक आधारभूत ढांचा न्याय व्यवस्था की रीढ़ है तथा इस प्रकार की परियोजनाएं अब विलासिता नहीं बल्कि एक आवश्यक सार्वजनिक सुविधा हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं के लिए समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे वे बिना किसी व्यवस्थागत बाधा के पूरी निष्ठा से न्याय प्रदान करने के कार्य में अपना योगदान दे सकेंगे।
उन्होंने यह भी स्मरण किया कि बहुस्तरीय पार्किंग सुविधा के निर्माण की पहल उनके भवन समिति के अध्यक्ष रहने के दौरान की गई थी। पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने इस अत्याधुनिक पार्किंग सुविधा के उद्घाटन पर विधिक समुदाय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा अधिवक्ताओं, न्यायाधीशों, वादकारियों, पुलिस कर्मियों, न्यायालय कर्मचारियों तथा आम जनता के लिए यातायात जाम को कम करने और सुविधा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि नियोजित शहर होने के नाते चंडीगढ़ को अपनी विशिष्ट विरासत को संरक्षित रखते हुए आधारभूत ढांचे को निरंतर सुदृढ़ करना चाहिए। उन्होंने न्यायपालिका और चंडीगढ़ प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सहयोगात्मक प्रयासों से विकास परियोजनाएं सफलतापूर्वक साकार होती रही हैं।
न्याय व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने अधिवक्ताओं को इसकी सबसे मजबूत कड़ियों में से एक बताया तथा उनसे समाज को सुलभ एवं किफायती न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के नए आपराधिक कानूनों ने तकनीक आधारित एवं समयबद्ध जांच तथा सुनवाई के माध्यम से आपराधिक न्याय प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाया है।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश तथा माननीय भवन समिति, यू.टी. चंडीगढ़ के अध्यक्ष न्यायमूर्ति दीपक सिब्बल ने इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन में भारत के मुख्य न्यायाधीश के दूरदर्शी नेतृत्व, मार्गदर्शन एवं निरंतर सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। यह पार्किंग सुविधा यात्री लिफ्ट, सीसीटीवी निगरानी, अग्नि पहचान एवं अग्निशमन प्रणाली, बेसमेंट में यांत्रिक वेंटिलेशन, दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप, दिव्यांगजन हेतु आरक्षित पार्किंग, चालक विश्राम कक्ष तथा सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है।
चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग द्वारा निर्मित यह परियोजना जिला न्यायालय परिसर के आसपास यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने तथा सुव्यवस्थित शहरी आधारभूत ढांचे के माध्यम से आमजन की सुविधा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।