पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज चंडीगढ़ सिटिज़न्स फाउंडेशन द्वारा टैगोर थिएटर, चंडीगढ़ में आयोजित सप्ताहभर चलने वाला कारगिल विजय दिवस स्मृति समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय सशस्त्र बलों के वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह कार्यक्रम 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की विजय सुनिश्चित करने वाले सैनिकों के अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और राष्ट्रभक्ति को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रशासक ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारत के साहस, राष्ट्रीय गौरव और सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सशस्त्र बलों के प्रति राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। श्री कटारिया ने कहा कि कारगिल के वीरों, वीर नारियों तथा शहीदों के परिजनों का सम्मान करना अत्यंत गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि सैनिकों से उनके युद्धकालीन अनुभव सुनना प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। आतंकवाद और किसी भी प्रकार की आक्रामकता के विरुद्ध भारत के दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर किसी भी प्रकार के खतरे का करारा जवाब देने में सदैव सक्षम और प्रतिबद्ध है।
पंजाब की समृद्ध सैन्य परंपरा और बलिदान की गौरवशाली विरासत का उल्लेख करते हुए प्रशासक ने लाला लाजपत राय, शहीद भगत सिंह और शहीद ऊधम सिंह सहित स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय एकता, अखंडता और निस्वार्थ सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करें।
प्रशासक ने युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करने के उद्देश्य से सप्ताहभर कारगिल विजय दिवस स्मृति समारोह आयोजित करने के लिए चंडीगढ़ सिटिज़न्स फाउंडेशन की भी सराहना की। कार्यक्रम में भारतीय थल सेना के पूर्व प्रमुख जनरल वेद प्रकाश मलिक, पीवीएसएम, एवीएसएम (सेवानिवृत्त) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कारगिल युद्ध के वीर योद्धा एवं परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन (मानद) योगेन्द्र सिंह यादव (सेवानिवृत्त), वीर नारियां, शहीदों के परिजन, सेवारत एवं सेवानिवृत्त सशस्त्र बलों के अधिकारी एवं जवान, पूर्व सैनिक, एनसीसी कैडेट, विद्यार्थी तथा गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ कारगिल युद्ध पर आधारित एक वृत्तचित्र तथा ऐतिहासिक वीडियो क्लिप्स के प्रदर्शन से हुआ।
इसके पश्चात कर्नल जसविंदर सिंह (सेवानिवृत्त) द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत संगीतमय प्रस्तुति, कारगिल वीरों, वीर नारियों, शहीदों के परिजनों एवं वीरता पुरस्कार विजेताओं का सम्मान समारोह, 'हीरोज़ स्पीक' सत्र, जिसमें पूर्व सैनिकों ने अपने युद्धकालीन अनुभव साझा किए, तथा कारगिल युद्ध की दुर्लभ तस्वीरों की प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण रही।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासक ने कारगिल युद्ध के शहीदों के परिजनों, वीर नारियों, परमवीर चक्र एवं वीर चक्र से सम्मानित सैनिकों, विशिष्ट पूर्व सैनिकों तथा सेवारत सैन्य वीरों को उनके अद्वितीय साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया। परमवीर चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा के परिवार को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उनके पिता श्री जी. एल. बत्रा एवं भाई श्री विशाल बत्रा को भी सम्मान प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त कैप्टन (मानद) योगेन्द्र सिंह यादव, परमवीर चक्र (सेवानिवृत्त), लेफ्टिनेंट जनरल वाई. के. जोशी (सेवानिवृत्त), ब्रिगेडियर विजय भास्कर, वीर चक्र (सेवानिवृत्त), ब्रिगेडियर कुशल ठाकुर (सेवानिवृत्त), कैप्टन (मानद) रघुनाथ सिंह, वीर चक्र (सेवानिवृत्त), राइफलमैन हरजिंदर सिंह (सेवानिवृत्त), अनेक वीर नारियों तथा वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को भी राष्ट्र के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।