माननीय प्रशासक, यूटी चंडीगढ़, श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (सीपीसीसी) की प्रथम त्रैमासिक पर्यावरण पत्रिका का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव, गृह सचिव-cum-अध्यक्ष, सीपीसीसी, सदस्य सचिव, सीपीसीसी तथा समिति के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह त्रैमासिक पत्रिका चंडीगढ़ की पर्यावरणीय स्थिति को पारदर्शी एवं नागरिक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करने हेतु विकसित की गई है।
इसमें तिमाही के दौरान किए गए पर्यावरणीय निगरानी कार्यों का विस्तृत विवरण शामिल है, जिसमें प्रमुख झीलों के जल की गुणवत्ता, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) का प्रदर्शन, भूजल निगरानी, चोएं (नालों) का आकलन तथा शहर में परिवेशी वायु गुणवत्ता की निगरानी शामिल है। दीपावली एवं छठ पूजा के दौरान की गई विशेष निगरानी को भी रेखांकित किया गया है।
प्रकाशन में चंडीगढ़ की वायु गुणवत्ता पर एक विशेष रिपोर्ट के साथ प्रतिकूल वायु गुणवत्ता की स्थिति में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के क्रियान्वयन का विवरण भी दिया गया है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न पर्यावरणीय अधिनियमों के अंतर्गत सीपीसीसी की नियामक कार्यवाही, प्रवर्तन गतिविधियों तथा अनुपालन उपायों की जानकारी भी सम्मिलित है।
पत्रिका में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वायु प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित जन-जागरूकता अभियानों के साथ-साथ तिमाही के दौरान सीपीसीसी की प्रमुख उपलब्धियों एवं नई पहलों को भी दर्शाया गया है। माननीय प्रशासक ने पर्यावरणीय निगरानी, पारदर्शिता एवं जन-जागरूकता को सुदृढ़ करने के लिए सीपीसीसी के प्रयासों की सराहना की। इस पत्रिका का प्रकाशन चंडीगढ़ में सूचित निर्णय-निर्माण एवं सतत पर्यावरण प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।