“भारत के युवाओं को शिक्षा और रिसर्च के लिए केवल पश्चिम की ओर देखने की आवश्यकता नहीं है,बल्कि देश की ज्ञान-विरासत से भी जुड़ना चाहिए। आप कोई साधारण विद्यार्थी नहीं हैं,बल्कि आर्यभट्ट, चरक, सुश्रुत, पाणिनि और चाणक्य जैसे महान विद्वानों की गौरवशाली विरासत के उत्तराधिकारी हैं।
आपमें भी वही प्रतिभा, रिसर्च क्षमता और जिज्ञासा छिपी है, जो 21वीं सदी में भारत को पुनः ‘विश्व गुरु’ के रूप में स्थापित करेगी ” यह विचार पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक, गुलाब चंद कटारिया ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के ‘सीयू स्कॉलर्स समिट 2026’ के तीसरे संस्करण के उद्घाटन के अवसर पर व्यक्त किए। ‘सीयू स्कॉलर्स समिट 2026’ का उद्घाटन पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक, गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में किया।
इस अवसर पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर दीपेंद्र सिंह संधू, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार प्रो. (डॉ.) आरएस बावा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। ‘सीयू स्कॉलरर्स समिट 2026’ का शुभारंभ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीयूसीईटी-2026) में टॉप रैंक हासिल करने वाले होनहार छात्रों के सम्मान के साथ हुआ।
यह आयोजन चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा प्रतिभा और छात्रों को सम्मानित करने की पहल का अंग है। 'सीयू स्कॉलर्स समिट 2026' में सीईओ, वाइस प्रेसिडेंट, इंडस्ट्री दिग्गज, बॉलीवुड कलाकार और एक्सपर्ट्स छात्रों के साथ अपने विचार साझा करेंगे, ताकि उन्हें तेज़ी से बदलती इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप नई नौकरियों के लिए तैयार होने में मदद मिले।
इस समिट में 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए अलग-अलग स्ट्रीम के लगभग 3000 छात्र शामिल हो रहे हैं; इनमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश, असम, मेघालय और अन्य राज्यों के छात्र शामिल हैं। कुल मिलाकर, CU स्कॉलर्स समिट 2026 के दो चरणों के दौरान चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा CUCET 2026 में टॉप करने वाले 7000 छात्रों को सम्मानित किया जाएगा।
तीसरे CU स्कॉलर्स समिट 2026 में मोटिवेशनल स्पीकर्स, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और मशहूर हस्तियों के साथ शानदार इंटरैक्टिव सेशन हुए। इनमें लोकप्रिय कॉमेडियन और एक्टर कीकू शारदा, एक्टर चंकी पांडे, मंदीप सिंह (सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और ग्लोबल हेड, हिताची सिस्टम्स इंडिया ), सुशील कुमार त्रिपाठी (वाइस प्रेसिडेंट, टेक्नोलॉजी, केल्टन टेक सॉल्यूशंस लिमिटेड ), डॉ. एस. मंगेश (जीएम , सैटेलाइट्स, एनएसआईएल/आईएसआरओ ), राजवीर गंभीर (डिप्टी डायरेक्टर जनरल, एसआईए इंडिया), सुबी चतुर्वेदी (ग्लोबल एसवीपी , चीफ कॉर्पोरेट अफेयर्स एवं पब्लिक पालिसी ऑफिसर इनमोबी), एयर वाइस मार्शल (डॉ.) देवेश वत्सा वीएसएम (सलाहकार, डीएससीआई एनए एसएससीओएम ), प्रो. (डॉ.) वाईवीएन कृष्णमूर्ति (पूर्व डायरेक्टर- आईआईआरएस , एनआरएससी , एनएआरएल और आईआईएसटी ), फिलिप्स इंडिया के सीएफओ देव त्रिपाठी, और अमेरिकन एक्सप्रेस इंडिया प्राइवेट के टैलेंट एक्विजिशन निदेशक डॉ. सचिन गुलाटी, प्रीति चौधरी (फाउंडर , हार्वेस्ट Harvest ग्लोबल एसएसपी), डॉ. गौरव रैना (चीफ साइंटिस्ट सीएचआई ), इंडो-कैनेडियन अभिनेता और निर्माता रजत बेदी;टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड में ऑपरेशंस, ग्रांट थॉर्टन भारत एलएलपी केचीफ लर्निंग ऑफिसर अंकित झांब; और फ्रैक्टल में जीटीएम, प्रोडक्ट्स, ग्रोथ और स्ट्रेटेजी (एपीएसी एवं जीसीसीएस) के प्रमुख ऋषि सेठ शामिल थे।
अपने संबोधन में पंजाब के गवर्नर कटारिया ने कहा, "सिर्फ़ नौकरी ढूंढने वाले युवा बनकर न रहें; बल्कि रोजगार सृजक बनें। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'स्टार्टअप इंडिया', 'स्टैंड-अप इंडिया', 'स्किल इंडिया', 'डिजिटल इंडिया', पीएम ई-विद्या, स्वयं, नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी', अटल इनोवेशन मिशन' और 'पीएम विद्या लक्ष्मी' जैसी कई योजनाएँ लागू की जा रही हैं।"
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप योजनाओं की सराहना करते हुए पंजाब के गवर्नर कटारिया ने कहा, “इस साल फिर से 7,000 होनहार छात्रों को लगभग 200 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप दी जा रही है, जिनमें 2,800 लड़कियां हैं। जो कुल स्कॉलरशिप का लगभग 40% है।
यह महिला सशक्तिकरण और समावेशी शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पिछले 13 सालों में, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने विभिन्न श्रेणियों में लगभग 2 लाख छात्रों को स्कॉलरशिप दी है, जिनमें 82,000 से अधिक लड़कियां हैं। यह आँकड़ा नेक सोच और पक्के इरादे का प्रमाण है, जो माननीय प्रधानमंत्री के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान को साकार कर रहा है।"
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर दीपिंदर सिंह संधू ने कहा कि यूनिवर्सिटी हमेशा से आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी छात्रों के लिए शिक्षा के मार्ग में आने वाली वित्तीय बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा किसीयूसीईटी -2026 स्कॉलरशिप का उद्देश्य प्रतिभाशाली छात्रों को प्रोत्साहित करना और उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना है।
इस समिट की एक मुख्य विशेषता चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कैंपस का दौरा रहा, जिसमें छात्रों ने अत्याधुनिक लैब्स, विश्वस्तरीय सुविधाओं और इनोवेशन-आधारित शिक्षण वातावरण को करीब से देखा।