मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू और कश्मीर में दूरसंचार और डिजिटल संचार अवसंरचना को मजबूत बनाने की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का विशेष ध्यान दूर-दराज़ के गाँवों, डार्क ज़ोन्स और रेलवे सुरंगों तक सेवाएँ पहुँचाने पर था। बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सतीश शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, कई प्रशासनिक सचिव और बीएसएनएल के अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में चल रही परियोजनाओं की स्थिति और उनके कार्यान्वयन में आ रही चुनौतियों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि संपर्क प्रगति का पुल है और मज़बूत मोबाइल व इंटरनेट सेवाएँ सुशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ, जीवंत पर्यटन और समग्र जनकल्याण के लिए आवश्यक हैं।
बीएसएनएल अधिकारियों ने संशोधित भारतनेट परियोजना चरण-प्प्प् की प्रगति के बारे में जानकारी दी, जिसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों को हाई-स्पीड इंटरनेट मुहैया कराना है। मुख्यमंत्री ने सख्त समयसीमानों का पालन करने के निर्देश दिए और बिना कवरेज वाले और दूरस्थ आवासीय क्षेत्रों को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
चर्चा के दौरान कई मुद्दों को सामने रखा गया जिनके त्वरित समाधान हेतु सरकारी हस्तक्षेप आवश्यक है। इनमें दूरसंचार टावर और उपकरण स्थापना के लिए भूमि का शीघ्र आवंटन, और आर एंड बी, पीएमजीएसवाई, बीआरओ तथा वन विभाग जैसे विभागों द्वारा ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए त्वरित ’राइट ऑफ वे’ अनुमतियों का निर्गमन शामिल था।
निरंतर सेवाओं की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया गया, जिसमें भारतनेट को चालू कराने के लिए सभी ग्राम पंचायतों को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराना, केंद्रीकृत बिलिंग और स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली लागू करना और जहाँ डिजिटल सेवाएँ स्थापित की जानी हैं वहाँ पंचायत या अन्य सरकारी भवनों की उपलब्धता और कार्यक्षमता सुनिश्चित करना शामिल था।
सरकार की पूर्ण सहायता का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा “हमारे गाँवों और कस्बों का डिजिटल सशक्तिकरण समावेशी विकास की आधारशिला है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि जम्मू-कश्मीर का कोई भी हिस्सा चाहे वह सुदूर बस्ती हो, डार्क ज़ोन हो या रेलवे सुरंग अलग-थलग न रहे।“
मुख्यमंत्री ने बीएसएनएल और संबंधित सरकारी विभागों को परस्पर घनिष्ठ समन्वय में कार्य करने, अवरोधों को शीघ्र सुलझाने और जम्मू-कश्मीर में समय पर कनेक्टिविटी परियोजनाएँ पूरी करने के निर्देश दिए।