चंडीगढ़ प्रशासन के वन एवं वन्य जीव विभाग द्वारा आज लेक क्लब पार्किंग परिसर में एक जीवंत ‘पौध मेला’ का आयोजन किया गया, जो वन महोत्सव 2025 के अंतर्गत प्रमुख गतिविधियों में से एक रहा। इस कार्यक्रम का उद्घाटन यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव श्री राजीव वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में किया।
इस मेले में 20 से अधिक विषयगत स्टॉल लगाए गए, जिनमें वन एवं वन्यजीव संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, अक्षय ऊर्जा और सामुदायिक पर्यावरण प्रयासों से संबंधित नवाचारों और पहलों को दर्शाया गया। वन विभाग द्वारा फलों वाले, फूलों वाले, सजावटी/छायादार, औषधीय तथा रसोई बागवानी के पौधों की समृद्ध प्रदर्शनी लगाई गई।
नगर निगम और अभियंता विभाग ने भी सूचना प्रदर्शनों के माध्यम से भागीदारी की। युवसत्ता, यूथ इनोवेटिव सोसायटी और ग्लोबल यूथ फेडरेशन जैसे प्रमुख गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) तथा शहर के विद्यालयों के ईको क्लब — वसुधा ईको क्लब (GMSSS-22A), सोंजना ईको क्लब (GMSSS-46D) और नागकेसर ईको क्लब (PM श्री GMSSS-14, धनास) — ने इको-फ्रेंडली उत्पादों की विविध प्रदर्शनी प्रस्तुत की।
इन उत्पादों में सूखे पत्तों से बना वर्मीकम्पोस्ट, बची हुई कपड़ों की कतरनों से बने थैले, हर्बल जूस, टेराकोटा उत्पाद, सूखे फूलों से बने धूप बत्तियाँ और स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प शामिल थे। CREST (चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी) द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन और अन्य अक्षय ऊर्जा समाधान प्रदर्शित किए गए, जिससे चंडीगढ़ की सतत और स्वच्छ विकास की प्रतिबद्धता झलकी।
पर्यावरणीय उत्कृष्टता को मान्यता देने के लिए, मुख्य सचिव द्वारा चयनित ईको क्लबों को ‘ईको क्लब अवार्ड’ से सम्मानित किया गया, जिन्होंने पर्यावरण चेतना और क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान दिया। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण रहा मुख्य सचिव द्वारा वन्यजीव बचाव वैन और मोटरबाइकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करना, जिसमें श्री मंदीप सिंह बराड़, सचिव (वन एवं वन्य जीव) भी उनके साथ उपस्थित रहे।
CAMPA (क्षतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण) योजना के तहत प्राप्त इन वाहनों से विभाग को मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थितियों से शीघ्र निपटने और तेज वन्यजीव बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। फ्रंटलाइन फॉरेस्ट स्टाफ को मोटरबाइकों के माध्यम से तेजी से गतिशीलता और मौके पर सहायता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
एक प्रतीकात्मक पहल के रूप में, #एकपेडमांकेनाम अभियान के अंतर्गत मुख्य सचिव द्वारा पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर श्री मंदीप सिंह बराड़ (सचिव, वन एवं वन्य जीव), श्री सौरभ कुमार (मुख्य वन संरक्षक), श्री अनुप सोनी (वन संरक्षक) और श्री नवनीत कुमार श्रीवास्तव (उप वन संरक्षक, चंडीगढ़) भी उनके साथ उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव श्री राजीव वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पौध मेला और पौधारोपण अभियान केवल हरियाली की पहल नहीं हैं, बल्कि प्रकृति से जुड़ाव और पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा देने की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण गतिविधियों में भागीदारी की अपील की और वन विभाग की सराहनीय पहल की सराहना की।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि वन महोत्सव 2025 के अंतर्गत चंडीगढ़ में 5 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इस महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ 5 जुलाई को राजेन्द्र पार्क में हुआ था, जिसका उद्घाटन माननीय पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक द्वारा किया गया था।