उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चैधरी ने लगातार दूसरे दिन नौशेरा विधानसभा क्षेत्र के करीब 15 गांवों का दौरा कर हाल ही में सीमा पार से हुई गोलाबारी के प्रभाव का आकलन किया। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और अटूट समर्थन व्यक्त किया।
दो दिवसीय दौरा हाल ही में सीमा पार से हुई गोलाबारी की घटनाओं के मद्देनजर किया गया, जिसका उद्देश्य जमीनी स्थिति का आकलन करना, प्रभावित परिवारों से बातचीत करना और मौके पर लोगों की शिकायतों का समाधान करना था। दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री ने क्षतिग्रस्त घरों का निरीक्षण किया और गोलाबारी से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।
उन्होंने सीमावर्ती निवासियों को आष्वासन दिया कि सरकार उनकी सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन जुटा रहा है कि उन्हें आगे और कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
कई स्थानों पर जनसंपर्क शिविरों के दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों की चिंताओं को सुना। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के सरकार के संकल्प को दोहराया। उपमुख्यमंत्री ने कहा, “नियंत्रण रेखा के पास रहने वाले हर एक निवासी की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में सर्वोत्तम संभव उपाय लागू किए जा रहे हैं।“
कई प्रतिनिधिमंडलों ने उपमुख्यमंत्री से मुलाकात की और व्यक्तिगत और सामुदायिक बंकरों के निर्माण, गोलाबारी के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजे, पानी की कमी, अनिर्धारित बिजली कटौती और संपर्क सड़कों के सुधार सहित प्रमुख मुद्दे उठाए।
उपमुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया देते हुए शिकायतों के तत्काल निवारण के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश जारी किए। उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि उनकी वास्तविक मांगों को समयबद्ध तरीके से हल किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार अपने लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है और जम्मू-कश्मीर, खासकर इसके सीमावर्ती और दूरदराज के इलाकों के समग्र विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
सुरक्षात्मक बुनियादी ढांचे के महत्व पर जोर देते हुए, उपमुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि रणनीतिक रूप से पहचाने गए स्थानों पर अतिरिक्त व्यक्तिगत और सामुदायिक बंकर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा, “ये बंकर सीमा पार से गोलाबारी की घटनाओं के दौरान तत्काल आश्रय प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण हैं और हमारी सीमा सुरक्षा रणनीति का एक अभिन्न अंग हैं।“
इस यात्रा ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को उजागर किया। उपमुख्यमंत्री के साथ नौशेरा के अतिरिक्त उपायुक्त प्रीतम लाल थापा तथा अन्य वरिष्ठ जिला एवं क्षेत्रीय अधिकारी भी मौजूद थे।