केंद्रीय फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज मंत्री चिराग पासवान ने लुधियाना से राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को सूचित किया कि उन्होंने पंजाब में फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की सफलता को बढ़ावा देने के लिए उनके सुझावों पर ध्यान दिया है। अरोड़ा को भेजे गए पत्र में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उनका मंत्रालय सेंट्रल सेक्टर अम्ब्रेला स्कीम प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) को लागू कर रहा है।
पीएमकेएसवाई की सब-कम्पोनेंट योजनाओं के अंतर्गत, मंत्रालय फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और संबंधित बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए विभिन्न सब-कम्पोनेंट योजनाओं के लिए 5 करोड़ से 15 करोड़ तक की सीमा के साथ पात्र परियोजना लागत का 35 और 50% की दर से वित्तीय सहायता प्रदान करता है। पीएमकेएसवाई एक मांग आधारित योजना है और इसके तहत पंजाब सहित पूरे भारत से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं।
मंत्रालय पीएमकेएसवाई के तहत एक सब-कम्पोनेंट योजना - क्रिएशन ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टरज़ (एपीसी) लागू कर रहा है, जो छोटे पैमाने पर मेगा फूड पार्क की तरह है, जिसमें केवल 10 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, मंत्री ने कहा कि मंत्रालय सूक्ष्म स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फ़ूड प्रॉसिंग इंटरप्राइजेज स्कीम को भी लागू कर रहा है।
इसके अलावा, मंत्रालय द्वारा प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम भी लागू की जा रही है, जिसमें ब्रांडिंग और मार्केटिंग सपोर्ट के माध्यम से वृद्धिशील बिक्री हासिल करने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन प्रदान किए जाते हैं। मंत्री ने अरोड़ा को आगे लिखा कि इसके साथ ही उनका उनसे अनुरोध है कि अगली ईओआई के समय, राज्य में खाद्य प्रसंस्करण सुविधाएं स्थापित करने में रुचि रखने वाले व्यक्तियों/संस्थाओं को मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित प्रासंगिक योजना के तहत आवेदन करने और उसका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
अरोड़ा ने मंत्री को लिखे पत्र में पंजाब में फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज के लिए उनका तत्काल ध्यान आकर्षित करने की मांग की थी। उन्होंने पंजाब में फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज को सफल बनाने के लिए उद्योग के सुझावों का उल्लेख किया था। सुझाव देते हुए अरोड़ा ने कहा था कि मेगा फूड प्रोसेसिंग पार्कों के लिए पंजाब में 50 एकड़ जमीन बहुत अधिक है। पंजाब में जमीन महंगी है और बहुत कम उपलब्ध है।
इसलिए उन्होंने सिंगल यूनिट फ़ूड प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट्स को मेगा फूड प्रोसेसिंग पार्कों के बराबर प्रोत्साहन देने का सुझाव दिया। पंजाब के मजबूत कृषि आधार को पहचानते हुए उन्होंने मंत्री से पंजाब से उत्पादित प्रोसेस्ड फ़ूड प्रोडक्ट्स के निर्यात के लिए विशेष प्रोत्साहन शुरू करने पर विचार करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि इससे राज्य की फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को काफी बढ़ावा मिलेगा।
पंजाब की क्षमता के बारे में बात करते हुए अरोड़ा ने दोहराया कि पंजाब में फ़ूड प्रोसेसिंग सेक्टर में अग्रणी बनने की अपार क्षमता है। समस्याओं को दूर करके और कुछ उपायों को लागू करके, एक प्रफुल्लित इकोसिस्टम बनाया जा सकता है जो रोजगार पैदा करेगा, किसानों को सशक्त करेगा और राज्य की आर्थिक वृद्धि के लिए नए अवसर खोलेगा।