12 जून को 12 और एएफपीआई कैडिट बने अधिकारी
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एस.ए.एस. नगर , 12 Jun 2021
Last updated on: Jun 12, 2021, 00:00 IST
12 एएफपीआई पूर्व कैडिटों ने आज इंडियन मिलिट्री अकैडमी, देहरादून में प्रशिक्षण मुकम्मल किया और भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट का पद हासिल किया। आर्मी कमांडर पश्चिमी कमांड लैफ्टिनैंट जनरल आर.पी. सिंह द्वारा परेड की समीक्षा की गई। कोविड-19 की पाबंदियों के कारण कैडिटों के माँ-बाप को परेड के लिए नहीं बुलाया गया।अब तक पहले आठ कोर्सों में से 162 कैडिट एनडीए या अन्य सेवा अकादमियों में शामिल हो चुके हैं और इनमें से 83 ने हथियारबंद सेनाओं में कार्यभार संभाला है। 68 कैडिट आर्मी, 8 नेवी और 7 एयर फोर्स में भर्ती हुए हैं। 19 जून को एयर फोर्स अकैडमी की परेड ख़त्म होने के उपरांत दो और कैडिटों के वायु सेना में शामिल होने की उम्मीद है।यह कैडिट पाँचवे एएफपीआई कोर्स के हिस्से के तौर पर साल 2015 में आम्र्ड फोर्सिज़ प्रीपरेटरी इंस्टीट्यूट, मोहाली में शामिल हुए। वह साल 2017 में नेशनल डिफेंस अकैडमी, खडक़वासला में 138वें एनडीए कोर्स के हिस्से के तौर पर शामिल हुए। एनडीए में तीन सालों के सख़्त प्रशिक्षण के पूरा होने पर वह सर्विस प्रशिक्षण के अंतिम साल के लिए आईएमए में शामिल हुए।अकैडमी कैडिट ऐजटैंट लवनीत सिंह ने के पासिंग आउट कोर्स के मैरिट के समूचे कर्म में तीसरे स्थान पर आकर काँस्य पदक जीतकर नाम रौशन किया। लवनीत जलालाबाद पूरब से सम्बन्धित हैं और उनके पिता सरदार भुपिन्दर सिंह एक किसान हैं। उनकी माता श्रीमती परवीन कौर एक गृहणी हैं। वह सिख लाईट इनफैंटरी की 7वीं बटालियन में शामिल होंगे।पिछले समय में एएफपीआई के कैडिटों ने सेवा अकादमियों में विभिन्न पदक जीतकर प्रसिद्धि हासिल की। लैफ्टिनैंट हरप्रीत सिंह (सिंडी हॉर्स) को मार्च 2020 में ऑफिसजऱ् ट्रेनिंग अकैडमी में स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया और लैफ्टिनैंट गुरवंश सिंह गोसल (सिख रेजीमेंट) को दिसंबर 2018 में इंडियन मिलिट्री अकैडमी में काँस्य पदक दिया गया। एएफपीआई के पूर्व कैडिट जो अब अधिकारियों के तौर पर सेवाएं निभा रहे हैं, देश की सेवा में बड़ा सम्मान प्राप्त कर रहे हैं। कैप्टन विश्वदीप सिंह जो स्पैशल फोर्सिज़ में हैं, को जनवरी 2021 में बहादुरी के लिए सेना मैडल और लैफ्टिनैंट जसमीत सिंह बामरा, जैक राईफल्स, को गलवान घाटी में ऑप्रेशनज़ के लिए चीफ़ ऑफ डिफेंस स्टाफ प्रशंसा पत्र दिया गया।इस समय पर एएफपीआई में तीन प्रशिक्षण कोर्स चल रहे हैं। 39 कैडिटों के नौवें कोर्स ने हाल ही में अपने दो सालों का प्रशिक्षण पूरा किया है। यूपीएससी द्वारा मैरिट सूची जारी होने के तुरंत बाद इस कोर्स के चुने गए कैडिट जल्द ही एनडीए में शामिल हो जाएंगे। दसवें कोर्स के 50 कैडिट 12वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं और इस साल सितम्बर में एनडीए की दाखि़ला परीक्षा देंगे। 42 कैडिटों का ग्यारहवाँ कोर्स हाल ही में एएफपीआई में शामिल हुआ है और पिछले महीने प्रशिक्षण की शुरूआत की गई थी।कोविड-19 के कारण पिछले साल मार्च से लेकर सारी ट्रेनिंग ऑनलाइन ढंग के द्वारा दी जा रही है। सख़्त पाबंदियों के बावजूद, जनवरी 2020 से मई 2021 की समय-सीमा के दौरान इंस्टीट्यूट लगभग 28 कैडिटों को एनडीए और अन्य अकैडमियों में भेजने के योग्य हुआ है।इस साल से एएफपीआई द्वारा लम्बे समय से प्रतीक्षित कैडिट ट्रेनिंग विंग प्रोग्राम की शुरूआत की गई है। इस प्रोग्राम के द्वारा पंजाब के अलग-अलग चुनिंदा स्कूलों के विद्यार्थियों को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रशिक्षण देने और प्रेरित करने के लिए परिकल्पना की गई है। कक्षा 11वीं और 12वीं में पढ़ रहे 100 से अधिक विद्यार्थी पहले ही इस नए उद्यम में दाखि़ला ले चुके हैं, जिससे आने वाले सालों में सशस्त्र बलों में शामिल होने वाले नौजवानों की संख्या में काफ़ी वृद्धि होने की उम्मीद है।