हमारे क्रांतिकारियों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देश को आजादी दिलवाई, हमें जागरूक होकर उसी आजादी की रक्षा करनी है और अपने राष्ट्र को उन्नति के शिखर पर लेकर जाना है। यह विचार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमल शर्मा ने शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के शहीदी दिवस पर हुसैनीवाला में शहीदों के स्माधिस्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। श्री शर्मा ने कहा कि देशभक्ति का अर्थ केवल देश के लिए मरना ही नहीं बल्कि देश के जीना भी है।शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि परिस्थिति और आवश्यकता अनुसार देशभक्ति के माध्यम भी बदलते हैं।
उस समय देश परतंत्र था और देश को आजाद करवाने के लिए विदेशी शक्तियों से लड़ना आवश्यक था, आज देश आजाद है, परंतु लड़ाई आज भी जारी है। आज की लड़ाई है गरीबी, बेरोजगारी, असमानता, समाज में विभिन्न आधार पर बने वर्गवाद के साथ। भगत सिंह सहित सभी क्रांतिकारियों का स्वप्न भी यही था देश केवल विदेशी शक्तियों से ही नहीं बल्कि इन बुराईयों से भी मुक्त हो। शहीदों के अधूरे काम को हम सभी ने मिल कर पूरा करना है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में हम यह काम अपने मत का सही इस्तेमाल करके कर सकते हैं। जिन शहीदों ने अपने जीवन का बलिदान देकर हमें स्वतंत्रता के साथ-साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था उपलब्ध करवाई हमें उस लोकतंत्र को प्रतिष्ठा प्रदान करनी है और यह तभी हो सतता है जब देश का हर नागरिक विशेषकर युवा देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था में हिस्सा लें।
शर्मा ने इस बात पर चिंता जताई कि स्वतंत्रता के 66 साल बाद भी आज देश मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित है। आज भी देश में बहुत बड़ी संख्या में लोग भूखा सोने, अभावग्रस्त जीवन व्यतीत करने को विवश हैं। आज भी देश जाति, संप्रदाय, भाषा, क्षेत्रवाद से ताप से पीड़ित है। इसका कारण है कि देश में अधिकतर समय तक शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी स्वतंत्रता मिलने के उपरांत अपने लक्ष्य से भटक गई। इसके नेताओं के लिए निजी हित राष्ट्र हित से बड़े हो गए। इससे देश में महंगाई, भ्रष्टाचार, गरीबी, बेरोजगारी बढ़ी और क्रांतिकारियों का सपना अधूरा रह गया। उन्होंने कहा कि अब समय आगया है कि देश का हर नागरिक अपने राष्ट्रीय दायित्व को पूरा करे और केंद्र में श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसी सरकार गठित करे जिसमें शहीदों देश को आगे ले जाने की पूरी क्षमता व योग्यता है।