बिना पैसा इकट्ठा किए अपनी निजी कमाई का 98 प्रतिशत हिस्सा भाव करोड़ों रुपये ख़र्च कर अरब देशों में से सैंकड़े माताओं के बेटें को मौत के मुंह में से बचाकर लाने वाले दुबई के प्रसिद्ध कारोबारी और सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के मुखी डा.एसपी सिंह ओबराय ने एक बार फिर अपने बड़े हौसलो का सुबूत देते हुए खाड़ी देशों अंदर फंसे उत्तरी भारत से संबंधित सैंकड़ों लोगों को अपने ख़र्च पर वापस वतन लेकर आने का ऐलान किया है।सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक डा.एसपी सिंह ओबराय ने बताया कि कोरोना महामारी कारण पैदा हुए हालात कारण अरब देशों अंदर हज़ारों ही ऐसे भारतीय फंसे हुए हैं, जो अपने देश आने के लिए तड़प रहे हैँ। उन्होंने बताया कि वहां फंसे भारतीयों के बारे में जानकारी इकट्ठी करने के उपरांत यह बात सामने आई है कि वहां फंसे लोग चार अलग-अलग वर्गों के हैं, जिनमें से एक वह लोग हैं जो दुबई में घूमने के लिए गए थे, परंतु वहां फंस गए। उन्होंने कहा कि यह वर्ग तो अपने के पास से सभी पैसे ख़र्च कर वापस आने के समर्थ है। दूसरा वर्ग वह है जो वहां बड़ी कंपनियों में काम करने वाले कामगार हैं, जिनको उनकी कंपनियां ही अपने ख़र्च पर वापस भेजने के लिए तैयार हैं और तीसरा वर्ग वह है जो वापस आने के लिए 25 से 50 प्रतिशत खर्च कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जबकि चौथा वर्ग जो सबसे अधिक प्रभावित होने के साथ-साथ भाव हजारों की तादाद में है, वह ऐसे कामगार हैं जो कि कोरोना महामारी दौरान कंपनियां बंद होने के कारण सड़कों पर आ चुके हैं, उनकी हालत इतनी ख़राब है कि वह दो वक्त की रोटी को भी तरस रहे हैं और उनको हर रोज ऐसे लोगों के सैंकड़े फोन मदद के लिए आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि दुबई में उनकी निजी रिहायशी पनाहगाहों के अंदर जितनी जगह खाली थी, उनके अंदर तो सैंकड़ों बेरोज़गार कामगारों को अपने स्तर पर मुफ़्त रिहायश और खाना दे रहे हैं, परंतु सबको वहां रखना असंभव है।
उन्होंने कहा कि बेशक दुबई से भारत आने के लिए पंजीकृत (रजिस्टर्ड) हुए लोगों को विशेष जहाजों के द्वारा लाया जा रहा है, परंतु सीमित उड़ानें होने के कारण बहुत समय लग रहा है, जिस कारण दिन-ब-दिन वहां बेरोज़गार हुए लोगों की हालत ख़राब होती जा रही है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मसले संबंधी सारी रूपरेखा तैयार की है, जिसके अंतर्गत अरब देशों में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष चार्टर्ड जहाज़ चलाने की ज़रूरत है। उन्होंने बताया कि एक चार्टर्ड जहाज में 190 यात्री आ सकते हैं और कंपनी उसके लिए प्रति यात्री 22 से 24 हज़ार रुपये बतौर टिकट वसूल करेगी। डा.ओबराय ने बताया कि उन्होंने इस मसले के हल के लिए मीडिया के विभिन्न माध्यमों से समूचे विश्व में काम कर रही सभी सिख समाजसेवीं संस्थाओं को भी अरब देशों में फंसे कामगारों को वापस लेकर आने के लिए सांझे रूप में काम करने के लिए कहा था और जिस पर वह इस कार्य पर आने वाले सभी खर्च का 25 प्रतिशत भाव चौथा हिस्सा अपने तरफ से निजी रूप में खर्च करने का भी ऐलान किया था, परंतु इस मसले के हल के लिए किसी भी और संस्था के आगे न आने कारण उन्होंने फ़ैसला किया है कि अब वह ख़ुद उत्तरी भारत के 4 सूबों भाव पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से संबंधित लोगों को वापस लाने के लिए पहले पड़ाव के अंतर्गत 4 चार्टर्ड जहाज़ बुक करके वहां फंसे लोगों को वतन लेकर आऐंगे। इस बारे उनकी अमृतसर से मैंबर पार्लियामेंट गुरजीत सिंह औजला सो दो बार मीटिंग हो चुकी है और सांसद औजला भारत सरकार के पास से इस संबंधी मंज़ूरी लेने के लिए यतनशील हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की तरफ से मंजूरी मिलने के तुरंत बाद उनकी तरफ से दुबई में फंसे लोगों को वापस लेकर आने का काम आरंभ दिया जाएगा। डा.एसपी सिंह ओबराय के इस बड़े ऐलान सदका एक बार फिर पूरी दुनिया अंदर इस बड़े दिल वाले सरदार के चर्चे पूरे जोरों पर हैं।