पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के सम्बन्ध में सुल्तानपुर लोधी में पवित्र वेईं के किनारे स्थापित मुख्य पंडाल गुरू नानक दरबार में 5 नवंबर को प्रकाश पर्व पर करवाए गए श्री सहज पाठ के आज भोग डाले गए जिसके दौरान सारा दिन कीर्तनी जत्थों ने इलाही वाणी के कीर्तन से संगत को गुरू चरणों के साथ जोड़ा।इस अवसर पर भाई कंवरपाल सिंह जी देहरादून वालों ने रागबद्ध कीर्तन करते हुए बड़ी संख्या में पहुँची संगत को शब्द गुरू के साथ जोड़ा और मानवता के रहबर बाबा नानक की तरफ से रचित आरती का गायन कर संगत को निहाल किया। इसके बाद भाई गुरमीत सिंह शांत के जत्थे ने मनमोहक कीर्तन करते हुए गुरू चरणों में हाजिरी लगवाई।नानक नाम धियाईऐ कारजु आए रासि॥शब्द गायन कर भूतपूर्व हजूरी रागी श्री दरबार साहिब भाई जसवंत सिंह ने संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया और बाबा नानक की स्तूति में एक के बाद एक शब्दों का गायन किया। समागम के दौरान जहाँ कलगीधर ट्रस्ट बड़़ू साहिब के कीर्तनी जत्थे ने रागबद्ध कीर्तन करके हाजिरी लगवाई वहीं दीदार सिंह के ढ़ाडी जत्थे ने जोशीली वारें गाकर संगत में जोश भर दिया। इसके अलावा सूफी गायिका हर्शदीप कौर ने शब्दों का रसभरा कीर्तन करके श्री गुरू नानक दरबार में उपस्थिति दर्ज करवाई और अपनी सुरीली आवाज में शब्दों का रागबद्ध कीर्तन संगत को श्रवण करवाया।