प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर नोटबंदी के जरिए गरीब और आम जनता के जीवन को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने उनके संसद में न आने को लेकर बुधवार को आड़े हाथ लिया।। नोटबंदी के मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के रुख से अलग रुख अपनाते हुए यादव ने यहां नोटबंदी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी द्वारा आयोजित एक विरोध रैली में भाग लिया। यादव ने जंतर-मंतर पर आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, "आप (मोदी) संगीत समारोह को संबोधित कर सकते हैं, लेकिन संसद में विपक्ष का जवाब नहीं दे सकते। आपके मंत्री ने नोटबंदी नहीं किया है। यह आपका फैसला है, इसलिए जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनके जवाब देने की जिम्मेदारी आप पर है।" उन्होंने कहा, "आज किसान तबाह हैं, कामगार भुखमरी के शिकार हैं और आम आदमी अपनी आजीविका छोड़कर बैंकों की कतार में खड़ा है। नोटबंदी ने आम लोगों के जीवन को भारी परेशानी में डाल दिया है।"
यादव ने कहा, "देश के लोग जो कष्ट भोग रहे हैं, इन सारी तबाही के लिए जिम्मेदार कौन है? यह आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप संसद में नहीं आ रहे हैं।"उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मोदी इसी तरह संसद से बचते रहे और जवाब देने में नाकाम रहे तो जनता विद्रोह कर देगी। यादव ने कहा, "संसद में आएं और उन कारणों को बताएं। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो याद रखें कि कांग्रेस ने एक बार आपातकाल लागू किया था और तब जनता ने उसका मुंहतोड़ जवाब दिया था।"आप संसद में आएं और बताएं कि आपने क्यों किसानों, मछुआरों, गरीबों और आम आदमी को भारी परेशानी में डाला है। यादव ने कहा, "आपने निश्चित रूप से क्रांति के बारे में सुना होगा, जनता आपको दिखा देगी कि क्रांति क्या हो सकती है।" नोटबंदी को लेकर विपक्ष जहां एकजुट होकर मोदी के खिलाफ दबाव बढ़ा रहा है, नीतीश कुमाार ने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के कदम का समर्थन किया है।