सतलुज यमुना लिंक नहर के केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर कांग्रेस के पंजाब प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह तथा 42 कांग्रेसी विधायकों की ओर से दिए इस्तीफे को सारी ड्रामेबाजी बताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आज कैप्टन अमरिंदर सिंह को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्होंने इस्तीफे देकर पंजाब के प्रति हमदर्दी दिखाने का पाखंड नहीं रचा है तो वह अपनी पार्टी के संसद सदस्यों के इस्तीफे क्यों नहीं ले रहे है।आज लंभी विधान सभा हलके में संगत दर्शन प्रौग्राम दौरान अपने संबोधन में स. बादल ने कहा कि हकीकत यह है कि दरियाई पानियों के मुद्दे पर पंजाब से गद्दारी करने वाली कांग्रेस पार्टी के मंत्रियों ने इस्तीफा पंजाबियों के हक में नहीं बल्कि विधान सभा चुनाव नजदीक होने के कारण दिया है। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद विधान सभा चुनाव लडऩे के इच्छुक है जिस के चलते उन्होंने सुप्रीमकोर्ट के फैसले की आड़ में लोक सभा की सदस्यता से इस्तीफा दे कर पंजाबियों को मूर्ख बनाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यह बहुत मजाक की बात है कि दोबारा विधान सभा चुनाव लडऩे की चाहत पाने के लिए कांग्रेसी नेताओं ने तो इस्तीफे दे दिए मगर लोक सभा चुनाव अभी दूर होने से राज्य से चुने गए कांग्रेस के संसद सदस्य इस्तीफे देने से इंकार कर रहे है।
पत्रकारों की ओर से शिरोमणि अकाली दल के चुने गए प्रतिनिधियों की ओर से इस्तीफा न देने संबंधी पूछे गए सवल के जवाब में स. बादल ने अकाली दल के इस फैसले को पूरी तरह जायज ठहराते हुए कहा कि पंजाब के निवासियों ने हमको दुखसुख की घड़ी में पंजाब की आवाज उठाने व लड़ाई लडऩे के लिए सत्ता की सेवा सौंपी है और जब अब पंजाब के पानियों पर ढाका पडऩे का संकट आ गया तो अकाली दल मैदान छोड़ कर भागने की बजाए डट कर लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आने वाली 16 नवंबर को पंजाब विधान सभा का विशेष इजलास बुलाया है ताकि पंजाब के पानियों को हर कीमत पर बचाने के लिए भविष्य की रणनीति बनाने के लिए संयुक्त तौर पर विचार विमर्श किया जा सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे नाजुक मौके पर कांग्रेसी विधायकों ने अपनी आवाज सदन में रखने की बजाए इस्तीफे दे दिए जो कि लोगों से सरासर धोखा व गद्दारी है। उन्होंने यह भी बताया कि देश के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी के पास दरियाई पानियों के मुद्दे पर पंजाब का पक्ष रखने के लिए समूह मंत्री मंडल उनके पास जाएगा तथा इस के लिए राष्ट्रपति से समय मांगा गया है।
सतलुज यमुना लिंक नहर के लिए सीधे तौर पर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के कांग्रेसी शुरु से अपने हाईकमांड की कठपुतलियां बन कर राज्य के हितों का नुक्सान करते रहे है। इस की उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सब से पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उस समय के कांग्रेसी मुख्यमंत्री दरबारा सिंह से बाजू मरोड़ कर दरियाई पानियों के मसले पर अपनी मर्जी के फैसले थौंपे। इस के बाद पंजाब के जख्मों पर लून छिड़कने के लिए सतलुज यमुना लिंक नहर का टक्क लगाने के लिए इंदिरा गांधी खुद पहुंची थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब लिंक नहर का टक्क लगाने के अवसर पर वह (स.बादल) व अन्य अकाली नेता रोष के तौर पर गिरफ्तारियां दे रहे थे तो उस समय कैप्टन अमरिंदर सिंह टक्क लगाने वाले समागम में खुद उपस्थित हो कर अपनी लीडर को खुश करने के लिए नहर बनाने के फैसले का स्वागत कर रहा था।आम आदमी पार्टी को दोहरे किरदार वाली पार्टी बताते हुए स. बादल ने कहा कि इस पार्टी की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार ने तो पानियों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पंजाब खिलाफ हल्फिया ब्यान दे कर पहिले ही अपना असली रुप दिखा दिया था।
दरियाई पानियों की रक्षा के लिए लड़ाई लडऩे के लिए पंजबियों के सहयोग की मांग करते हुए स. बादल ने शिरोमणि अकाली दल की ओर से 8 दिसंबर को मोगा में की जा रही पानी बचाओ, पंजाब बचाओ रैली में प्रत्येक पंजाबी को पहुंचने का निमंत्रण दिया। उन्होंने अपनी दृढ़ता का प्रगटावा करते हुए स्पष्ट किया कि पानी की एक भी बूंद पंजाब से किसी भी कीमत पर बाहर नहीं जाने दी जाएगी चाहे इस के लिए कितनी भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। पंजाब से बाहर पानी न जाने देने का तर्क देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अनाज सुरक्षा के लिए पंजाब ने पहले ही पानी व जमीन जैसे अनमूल्य स्रोतों की भी कुर्बानी दे दी मगर अब बाकी बचता पानी भी अगर राज्य से बाहर चला गया तो हमारा राज्य तबाह हो जाएगा।केंद्र सरकार की ओर से 500 व 1000 रुपये के नोटों पर पाबंदी लगाने के फैसले से लोगों को हो रही परेशानी संबंधी पूछे गए सवाल के मद्देनजर स. बादल ने कहा कि चाहे शुरु में लोगों ने थोड़ी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा है मगर देश में काले धन तथा भ्रष्टाचार की लाहनत से निपटने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरिंदर मोदी की ओर से इस ठोस पहलकदमी के दूरगामी नतीजे निकलेंगे।मुख्यमंत्री ने आज गांव बोदीवाला, रत्ता खेड़ा वड्डा, रत्ता खेड़ा छोटा, आलमवाला, कोलियांवाली, ढाणी चंदन, ढाणी कुंदन में संगत दर्शन प्रोग्राम करके लोगों की दुख तक्लीफों को सुना तथा गांवों के विकास कार्यों के लिए ग्रांटे दी।मुख्यमंत्री से पंजाब एग्रो के चेयरमैन जत्थेदार दियाल सिंह कोलियांवाली, पंजाब राज्य महिला कमिश्न की सदस्य श्रीमती वीरपाल कौर तरमाला, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव श्री के.जे.एस. चीमा व श्री एस.करुणा राजू, डिप्टी कमिश्नर डा. सुमीत जारंगल, ए.डी.सी. श्री कुलवंत सिंह, जिला पुलिस मुखी श्री गुरप्रीत सिंह गिल्ल, ब्लाक समिति चेयरमैन स. गुरबख्शीश सिंह मिड्डू खेड़ा, जगजीत सिंह पंजावा मौजूद थे।