पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी ने आज एक ट्वीट कर सिखों के जख्मों को फिर से कुरेदा है। कमेटी ने एक ट्वीट किया है कि 'जब एक बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती कांपती है, जो कि पूरी तरह से ऐतराज योग्य और सिख समुदाय इससे बेहद नाराज है। अकाली दल सांसद श्रीमति हरसिमरत कौर बादल ने इस ट्वीट की कड़ी निंदा की है।इस ट्वीट को आज पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर आज श्री रह्वाजीव गांधी के जन्म दिवस के मौके पर पोस्ट किया गया है और ये पोस्ट सिख समुदाय के 'नरसंहार को महिमामंडित करता है। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी ये मानती है कि श्री राजीव गांधी की एक प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे बड़ी सफलता ये थी कि उन्होंने हजारों निर्दोष सिखों का कत्ल किया। भारत में 1947 के बाद किसी भी धार्मिक समुदाय के खिलाफ ये सबसे बड़ा नरसंहार था। बादल ने कहा कि इस बयान से ये साफ होता है कि सिख विरोधी और पंजाबी विरोधी भावनाएं ना सिर्फ पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी में व्याप्त हैं बल्कि ये पूरी कांग्रेस पार्टी की सिख समुदाय के प्रति सोच को भी दर्शाता है।
कांग्रेस हाई कमान को लगता है कि ये बिना किसी दुर्भावना के किया गया है तो उसे तुरंत इस पर माफी मांगनी चाहिए थ्री लेकिन पार्टी ने चुपचाप ही इस ट्वीट को डिलीट कर दिया।यहीं वो कारण है कि सिखों के नरसंहार के तीन दशकों बाद भी उन्हें इंसाफ नहीं मिला है और इस नरसंहार को अंजाम देने वाले कांग्रेस पार्टी के शासन के दौरान कैबिनट मंत्री पदों पर बिराजे रहे हैं। सबसे दुखद तो ये है कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री अमरिंदर सिंह भी अपने कार्यकाल के दौरान अपनी पार्टी के पास इन मुद्दों को उठाने में असफल रहे हैं। वे सिख समुदायों की शिकायतों का समाधान करने में भी असफल रहे हैं। सिखों के दुखों पर मरहम लगाने की बजाए वे जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार को क्लीन चिट देने में ही व्यस्त रहे।उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष श्री अमरिंदर सिंह को ये समझना चाहिए कि पश्चिम बंगाल मेंउनकी पार्टी ने पूरी तरह से असंवेदनशीलता का परिचय देते हुए वह बयान दिया है। उन्हें तुरंत इस गलत बयान की निंदा करनी चाहिए और इस मामले पर अपने स्टैंड को स्पष्ट करना चाहिए।