बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को रेल बजट पर निराशा जताते हुए कहा कि इसमें सिर्फ औपचारिकताएं पूरी की गईं। नीतीश ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा संसद में पेश रेल बजट पर कहा, "इस बजट से बिहार को निराशा मिली है। नई परियोजनाओं के लिए भी रेलवे के पास कोई योजना नहीं है और न ही ट्रेनों के समय पर चलने व स्टेशनों की साफ-सफाई को ही प्राथमिकता दी गई है।" उन्होंने केन्द्र सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार खजाना खोले और रेलवे पर ध्यान दे।
नीतीश ने रेलवे की हालत को दयनीय बताया और कहा कि रेल बजट में आमदनी और खर्च का कोई भी ब्योरा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा, "रेल मंत्री सुरेश प्रभु के बजट में 'विजन' की कमी साफ तौर पर दिख रही है तथा बजट में क्षेत्रीय संतुलन का भी ख्याल नहीं रखा गया है।"उन्होंने कहा कि इस रेल बजट में आशा की कोई किरण नजर नहीं आ रही है।