केंद्रीय नागर विमानन मंत्री पी. अशोक गजपति राजू ने नागर विमानन क्षेत्र में कुशल कर्मियों की समस्या का तत्काल समाधान निकालने के लिए सभी हितधारकों का आह्वान किया। वे आज नई दिल्ली में नागर विमानन क्षेत्र में कौशल विकास के लिए कौशल अंतर विश्लेषण और योजना पर आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज इस क्षेत्र में उपलब्ध कौशल और अपेक्षित कौशल की किस्म में व्यापक असंतुलन मौजूद है। उन्होंने कहा कि देश और देश से बाहर एमआरओ और कार्गो सहित नागर विमानन के सभी खंडों में उपलब्ध जरूरतों और रोजगार अवसरों को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास के तरीके निकालने हेतु सभी हितधारकों को एक साथ मिलकर काम करना चाहिए।
नागर विमानन मंत्रालय ने नागर विमानन क्षेत्र में व्यापक कौशल अंतर विश्लेषण का कार्य करने और इस क्षेत्र में कौशल विकास के लिए भविष्य की योजना तैयार करने के लिए आईसीआरए मैनेजमेंट कंसलटेंसी सर्विसेज लिमिटेड (आईएमएसीएस) को नियुक्त किया है, जिसने अपनी मसौदा रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
आज की कार्यशाला का उद्देश्य अंतिम रिपोर्ट तैयार करने से पहले मसौदा रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के बारे में सभी हितधारकों से विचार-विमर्श करना था। नागर विमानन मंत्रालय के सचिव श्री राजीव नयन चौबे, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के सचिव श्री रोहित नंदन, एरोस्पेस और विमानन क्षेत्र कौशल परिषद के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री टी.एस. राजू, नागर विमानन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा उद्योग के प्रतिनिधियों ने इस कार्यशाला में भाग लिया। इस अवसर पर नागर विमानन सचिव ने कहा कि नागर विमान क्षेत्र में मौजूद कौशल अंतर से निपटने की तत्काल जरूरत है। उन्होंने इस क्षेत्र के विभिन्न उप खंडों की अगुवाई करने वाले लोगों से कहा कि वे आईएमएसीएस को अपने सुझाव और विचारों से अवगत करायें ताकि कौशल विकास के लिए भविष्य की योजना को अंतिम रूप दिया जा सके। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के सचिव श्री रोहित नंदन ने कहा कि हमारा कौशल प्रशिक्षण अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार हो ताकि प्रशिक्षित व्यक्तियों की विकास की संभावनाओं की देखभाल हो सके और वे देश से बाहर भी रोजगार पाने में सक्षम हो जायें।
आईएमएसीएस द्वारा तैयार मसौदा रिपोर्ट में हवाई अड्डा, एयरलाइन, एमआरओ, कॉर्गो और ग्राउंड हेंडलिंग जैसे विमानन क्षेत्र के विभिन्न वर्गों में संभावित कौशल जरूरतों की पहचान की गई है। इसमें संस्थागत मजबूती, अवसंरचना और क्षमता योजना, प्रशिक्षण प्रक्रिया पुनर्रचना, वित्त पोषण तंत्र को मजबूत बनाने, निगरानी एवं मूल्यांकन के माध्यम से कड़े प्रशिक्षण और कौशल निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की सिफारिश की है। राष्ट्रीय नागर विमानन प्रशिक्षण प्राधिकरण और कॉर्गो तथा ग्राउंड हेंडलिंग क्षेत्र कौशल परिषद की स्थापना की भी सिफारिश की गई है।