प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राजधानी मास्को स्थित रूस के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन केंद्र (एनसीएमसी)का दौरा कर इसके कामकाज के तरीके को जाना। केंद्र को ईएमईआरसीओएम के रूप में भी जाना जाता है। मोदी ने केंद्र का दौरा करने के बाद ट्विटर पर लिखा, "ईएमईआरसीओएम का दौरा एक सीख देने वाला जबर्दस्त अनुभव था। आपदा प्रबंधन और इस क्षेत्र में प्रौद्योगिकी का उपयोग कैसे होता है, इससे संबंधित पहलुओं को देखा।"उन्होंने लिखा, "एनसीएमसी मानवता की एक बहुत बड़ी सेवा कर रहा है।
उनकी आपदा रोकथाम एवं प्रतिक्रिया गतिविधियां सराहनीय हैं।"वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्विटर पर लिखा कि ईएमईआरसीओएम के 2,40,000 कर्मचारी रोजाना परिचालन ड्यूटी पर होते हैं और 62,000 उपकरण इकाइयों का उपयोग करते हैं।एनसीएमसी एक बहु-स्तरीय समन्वय केंद्र है, जिसे अंतर-एजेंसी समन्वय उपलब्ध कराने एवं लोगों को आपात स्थितियों के खतरे के बारे में सतर्क करने के लिए बनाया गया है।
एनसीएमसी पूरे रूस से सूचनाएं लेता है और औद्योगिकी सुविधाओं, भीड़भाड़ वाले इलाकों, सुनामी के खतरों एवं अन्य प्राकृति आपदाओं की निगरानी करने में सक्षम है।एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मोदी को केंद्र के कामकाज के असल तरीके व अन्य चीजों के बारे में संक्षिप्त विवरण दिया गया। उन्हें विविध आपदा-राहत एजेंसियों के बीच के तालमेल के बारे में विस्तार से बताया गया।अंतरिक्ष निगरानी व 3डी मॉडलिंग क्षमताओं के बारे में भी समझाया गया।
मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल, विदेश सचिव एस. जयशंकर और रक्षा सचिव जी. मोहन कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।
मोदी बुधवार को राजधानी मॉस्को पहुंचे और यहां रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उनके लिए एक निजी रात्रिभोज का आयोजन किया। मोदी गुरुवार को 16वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे।मोदी और पुतिन को क्रेमलिन में भारत व रूस के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के एक प्रतिनिमंडल से मुलाकात करनी है।मोदी रूस में भारत के मित्रों के एक समारोह को संबोधित करेंगे और भारतीय समुदाय के लोगों से मिलेंगे।