प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम 'लोकतंत्र प्रहरी अभिनदंन' में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलरामजी दास टंडन को प्रशस्ति पत्र एवं शॉल से सम्मानित किया। कार्यक्रम में गुजरात, कर्नाटक एवं राजस्थान के राज्यपाल भी मौजूद थे। लोकतंत्र के प्रति जनसामान्य को सजग बनाने तथा वर्ष 1975 में देश में लागू आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले वरिष्ठ जननेताओं का स्मरण किया गया।
राज्यपाल टंडन का आपातकाल (1975-77) के दौरान विशेष योगदान रहा। देश में आपातकालीन स्थिति के विरुद्ध जनसामान्य में भारी रोष था। सभी समाचार पत्र सेंसर हो रहे थे, ऐसे समय में राज्यपाल बलरामजी दास टंडन ने आपातकाल के विरुद्ध जनसामान्य को इस देशव्यापी सत्याग्रह शामिल होने के लिए प्रेरित करते रहते थे। आपातकाल के दौरान टंडन को मीसा के तहत अमृतसर जेल भेज दिया गया था। कुछ दिन अमृतसर में रखने के बाद टंडन को भटिंडा जेल में स्थानांतरित किया गया, जहां उन्हें नजरबंद साथियों के साथ रहने का अवसर मिला। इस दौरान वे कई जेलों में रहे।