9वें गुरू श्री गुरू तेगबहादुर जी की बसाई हुई पवित्र नगरी श्री आंनदपुर साहिब के 350वें स्थापना दिवस के अवसर पर 19 जून 2015 को करवाये जा रहे अंतराष्टी्रय स्तर के समारोह में शामिल होने वाली संगतों के आने जाने के पुख्ता प्रंबध करने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आज दूसरे दिन भी 10 जिलों के अकाली भाजपा के सीनियर नेताओं, केबिनेट मंत्रियों, संसद सदस्य, मुख्य संसदीय सचिव, विधायकों, जिला प्रधानों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ क्रमानसार बैठके की।मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि आज यहां पंजाब भवन में मुख्यमंत्री ने फतेहगढ साहिब, पटियाला,गुरदासपुर,पठानकोट,फाजिल्का,फिरोजपुर,अमृतसर, तरनतारन लुधियाना व मोगा जिलों के अकाली भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठके की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महान समारोह में प्रत्येक वर्ग की शमुलियत यकीनी बनाई जाए उन्होने कहा कि हम किस्मत वाले है कि अपने जीवन में श्री आंनदपुर साहिब के 350वें स्थापना दिवस जैसे पवित्र अवसर को श्रद्धा व उत्साह से मना रहे हेै। उन्होने कहा कि इस विशाल धार्मिक समारोह में देश विदेश से प्रसिद्ध धार्मिक शख्शियते भी शामिल होगी ताकि धर्म निरपेक्षता और अनेकता में एकता के संदेश को सही अर्थो में उभारा जा सके।
19 जून को पंजाब भर से संगतों को लेकर पहुंचने वाली बसों के यातायात के सुचारू प्रंबधों के लिए मुख्यमंत्री ने एडीजीपी (यातायात)को कहा कि प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में सीनियार पुलिस अधिकारी की अध्यक्षता में टीमें कायम की जाए जो बसों को निश्चित टै्रफिक रूट द्वारा श्री आंनदपुर साहिब का दौरा करके बसों की पार्किंग के लिए जिले अनुसार अलाट की गई जगह का निरीक्षण करे ताकि संगतों को आने जाने में किसी प्रकार की परेशानी ना हो।
बैठक दौरान स. बादल ने 17 जून को श्री आंनदपुर साहिब में करवाये जा रहे माता नानकी गुरमत सम्मेलन में संगतों के पहुंचने के लिए विशेष प्रंबधों का जायजा लिया मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब भर से बीबीयां इस सम्मेलन में पहुंचकर माता नानकी जी के प्रति श्रद्धा का प्रगटावा करेगें। जिक्रयोग है कि 9वें पातशाह श्री गुरू तेगबहादुर जी ने श्री आंनदपुर साहिब की नींव 1665 ई. को जमीन खरीद कर रखी थी और उन्होने इस नगर का नाम अपनी सत्कार योग माता नानकी जी के नाम पर चक्क नानकी रखा था जो बाद में श्री आंनदपुर साहिब के नाम से प्रसिद्ध हुआ।इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि समूचे प्रंबधों की निगरानी शिक्षा मंत्री व सचिव शिअद डा. दलजीत सिंह चीमा और विशेष प्रमुख सचिव केजेएस चीमा कर रहे है। ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी ना हो।
बैठक में प्रमुख कैबिनेट मंत्री जत्थेदार तोता सिंह, गुलजार सिंह रणीके , सुरजीत कुमार जिआणी और सुरजीत सिंह रखड़ा, लोकसभा सदस्य जत्थेदार रणजीत सिंह ब्रहमपुरा,शिरोमणि गुरुद्वारा प्रंबधक समिति के प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह , मुख्य संसदीय सचिव देस राज धुग्गा , सलाहकार मुख्यमंत्री श्री तीक्षण सूद , न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त ) निर्मल सिंह , श्रीमती वीरेंद्र कौर लुम्बा , श्री जोगिंदर सिंह, श्री गुरतेज सिंह घडिय़ाना , श्री दर्शन सिंह शिवालिक , श्री एसआर कलेर , श्री महेश इंदर सिंह बराड़ और श्रीमती राजविन्द्र कौर (सभी विधायक), पूर्व मंत्री जत्थेदार सुच्चा सिंह लंगाह , जत्थेदार हीरा सिंह गाबडिय़ा और श्री निर्मल सिंह काहलों , पूर्व मुख्य संसदीय सचिव श्री राज कुमार खुराना के अतिरिक्त मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव श्री के जे एस चीमा और एडीजीपी (यातायात) श्री जसमिन्द्र सिंह उपस्थित थे।