पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा हल्फिया ब्यान खत्म करने से जहां आम लोगों को 300 करोड़ रूपए वार्षिक की बचत हुई वहीं जनता को सरकारी सेवाएं आसानी से हासिल करने की सुविधा मिली है।आज यहां जारी एक ब्यान में स.बादल जिनके पास प्रशासकीय सुधार विभाग भी है ने कहा कि वर्ष 2009 दौरान सुविधा केन्द्रों द्वारा दी गई 22.68 लाख सेवाओं में से 14.8 लाख हल्फिया ब्यानों की तस्दीक हुई थी जोकि लोगों के लिए सबसे अधिक परेशानी का कारण थी। उन्होंने कहा कि इसलिए स्कूलों-कालेजों में दाखिले दौरान या सरकारी सेवाओं के िलए आवेदनों के साथ हल्फिया ब्यानों और दस्तावेजों को तस्दीक करवाने के सरकारी कार्यालयों में लोगों का तांता लगा रहता था। इसलिए सरकार ने हल्फियाब्यानों और दस्तावेजों की तस्दीक को प्राथमिकता के आधार पर बंद करके दस्तावेजों के सवै तस्दीक शुरू करने का निर्णय किया।हल्फिया ब्यानों को बंद करने और दस्तावेजों को राजपत्रित अधिकारियों से सत्यापित करवाने की प्रणाली को बंद करने के लाभप्रद परिणामों का जिक्र करते हुए बादल ने कहा कि केन्द्र सरकार व राज्य सरकार की केवल 12 सेवाएं, जिनके लिए कानून अनुसार हल्फिया ब्यान खत्म नहीं किया जा सकता था को छोड़ कर शेष 88 प्रकार की सेवाओं के लिए हल्फिया ब्यान खत्म कर दिए गए हें जिससे लोगों की जहां 300 करोड़ रूपए वार्षिक बचत हुई है वहीं जनता को सरकार सेवाएं सरल ढंग से लेने की सुविधा मिली है।
प्रचलित रिवायती प्रणाली में सरकार व लोगों के बीच विश्वास और तालमेल की कमी को खत्म करने संबंधी उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पंजाब सरकार द्वारा इस प्रणाली को दुरूस्त करने के लिए सरकार से सरकार (जी टू जी)सेवाओं और सरकार से नागरिक (जी टू जी)सेवाएं ऑन लाइन देने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्यभर में लोगों को सेवाएं नजदीक देने के लिए 2174 सेवा केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं जोकि इस वर्ष के अंत तक पूर्ण रूप से कार्य शुरू कर देंगे। इनमें से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विश्ेाष तौर पर 1700 सेवा केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं और एक सेवा केन्द्र 5000 तक की आबादी को हर प्रकार की सरकारी सेवाएं उसके निकटतम गांव में उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त राज्यभर में 500 सांझ केन्द्र, 153 फर्दकेन्द्र, 132 सुविधा केन्द्र और 2112 ग्राम सुविधा केन्द्र स्थापित किए गए हैं।उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों के कारण जहां राज्य को देश के प्रधानमंत्री से सर्वोत्तम प्रशासकीय सेवाएं अवार्ड हासिल करने का गौरव प्राप्त हुआ है वहीं केन्द्र से अन्य राज्यों की सरकारें भीं पंजाब के पदचिन्हों पर चलने की योजनाएं बना रहे हैं।