प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि वह किसानों और खेतों में काम करने वाले खेतिहर मजदूरों की तकलीफ से दुखी हैं तथा उन्होंने संकल्प लिया है कि वह अपनी सरकार को उनसे संबंधित मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाएंगे। प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें कल्पना नहीं थी कि किसान और ग्रामीण उनसे इतने सारे सवाल पूछेंगे।मोदी ने कहा कि उन्हें यह जानकर दुख हुआ कि बारिश के कारण किसानों की फसल नष्ट हो गई, उन्हें समय पर खाद नहीं मिल रहे हैं और उन्हें गंदा पानी पीना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसी चीजों के बारे में जानकर दुख हो रहा है।उन्होंने कहा, "जब मैंने मन की बात किसानों के साथ करने का सोचा। मैंने यह कल्पना नहीं की थी कि इतने सारे सवाल पूछे जाएंगे।"मोदी ने कहा, "मैं यह जानकर विस्मित हूं कि आप कितने सक्रिय और जागरूक हैं। आपके पत्रों से मुझे आपकी पीड़ा के बारे में पता चला।"प्रधानमंत्री ने कहा कि वह अपनी सरकार को ग्रामीण भारत के प्रति संवेदनशील बनाएंगे।