शहरी विकास एवं आवास मंत्री, श्री सुधीर शर्मा ने कहा है कि शहरी क्षेत्रों में पीआरटी एवं रज्जू मार्ग जैसी परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा शहरी सचल परिवहन प्राधिकरण (यूएमटीए) स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है ताकि शहर में रहने वाले लोगों को परिवहन की वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध हो सके। सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रथम चरण में राजधानी शिमला एवं धर्मशाला में बढ़ते वाहनों के दबाब को कम करने के लिए परिवहन के वैकल्पिक साधन विकसित करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है तथा इन शहरों में पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (पीआरटी) पॉड स्थापित करने के लिए सर्वेक्षण करवाया जा रहा है ताकि इस महत्वपूर्ण योजना को अमलीजामा पहनाया जा सके।उन्होंने कहा कि लंदन के हिथरो एयरपोर्ट में आधुनिक पीआरटी प्रणाली का सफलतापूर्वक प्रयोग किया जा रहा है तथा इसी तर्ज पर प्रदेश के विभिन्न शहरों में पीआरटी प्रणाली को लागू करने के लिए संभावनाओं को तलाशा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पीआरटी पॉड शहरी क्षेत्रों में वैकल्पिक परिवहन का बेहतर साधन बन सकता है जोकि बैटरी से चलने वाला चालक रहित वाहन है, जिसके लिए कम स्थान भी लगता है और प्रदूषण फैलने की कोई संभावना नहीं होती है। सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन उद्योग को व्यवहारिक एवं आकर्षक बनाने के लिए मुख्य पर्यटक स्थलों पर रोप-वे, स्वचालित सीढ़ी (एस्केलेटर) तथा मैटीरियल रोपवे का निर्माण किया जाएगा ताकि प्रदेश में पर्यटकों का आवागमन बार-बार हो सके और लोगों को और अधिक रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त प्रदेश के भीड़ वाले शहरों एवं पर्यटक स्थलों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे ताकि असामाजिक तत्वों पर नज़र रखने के साथ-साथ प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को सुरक्षा भी प्रदान की जा सके।