हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में व्यास नदी से हैदराबाद इंजीनियरिंग कॉलेज के तीन और विद्यार्थियों के शव गुरुवार को बरामद कर लिए गए। इसके साथ ही अबतक कुल बरामद शवों की संख्या 12 हो गई है। अभी भी 12 विद्यार्थी और एक टूर ऑपरेटर लापता हैं। गुरुवार को जो शव बरामद किए गए उनकी पहचान एम. शिव प्रकाश वर्मा, आशीष मांता और माचराला अखिल के रूप में की गई। नदी की सतह पर फूला हुआ तीनों शव उतराता मिला। वर्मा का शव जहां रात में बरामद हुआ वहीं बाकी दो शव गुरुवार को बरामद हुए। बुधवार को बरामद शव की पहचान पी. वेंकट दुर्गा तरुण के रूप में हुई थी, जिसका फूला हुआ शव नदी में उतराया हुआ मिला। मंडी के उपायुक्त देवेश कुमार ने आईएएनएस से कहा कि 12 अन्य छात्रो और एक टूर आपरेटर की तलाश के लिए अभियान 11वें दिन भी जारी रहा।
देवेश कुमार ने कहा कि सेना और नौसेना के गोताखोर अब तलाशी काम से हट गए हैं क्योंकि अब उनकी आवश्यकता नहीं रह गई। जिन पीड़ितों के परिजन अपने घरों को लौट गए हैं उन्हें सूचना दे दी जाएगी। बचावकर्मियों ने कहा, "हम उम्मीद कर रहे हैं कि और शव अगले दो-तीन दिनों में नदी में स्वत: ऊपर आने शुरू हो जाएंगे, क्योंकि वे फूलने की प्रक्रिया में हैं।"उल्लेखनीय है कि हैदराबाद के वी.एन.आर. विग्नाना ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्न ॉलॉजी के 24 छात्र अध्ययन टूर पर मनाली आए थे। ये सभी पास की लारजी जलविद्युत परियोजना से बगैर सूचना के छोड़े गए पानी के कारण आठ जून को नदी में बह गए थे।