बदलियां करवाने के इच्छुक अध्यापक निर्धारित आवेदन पर जिला शिक्षा अधिकारियों को योग्य प्रणाली द्वारा आवेदन 26 मई तक दे दें ताकि बदलियों का कार्य समय पर पूरा कर लिया जाये। यह जानकारी सिकन्दर सिंह मलूका शिक्षा मंत्री पंजाब ने आज यहां विभाग की वर्ष 2014-15 के लिए बदलियों सम्बन्धी नीति जारी करते हुए दी।शिक्षा मंत्री ने कहा कि बदली के इच्छुक आवेदन पत्र में अपनी बदली के लिए कम से कम तीन और अधिक से अधिक पांच स्थानों को ऑपशन के रूप में भरेंगें और स्टेशन खाली होने की सूरत में दिया जाना सम्भव होगा। आम बदलियां केवल स्वीकृत रिक्त पदों पर स्कूल की जरूरत अनुसार की जाएंगी और बदलियों के लिए निर्धारित अन्तिम तिथि अप्लाई करने वाले आवेदकों के आवदेनों पर ही विचार किया जाएगा। आवेदन पत्र में मांगे गये पांच स्टेशनों में से यदि किसी स्टेशन पर बदली होती है तो कर्मचारी को निश्चित समय में फार्ग होकर अपने बदली वाले स्टेशन पर उपस्थित होना जरूरी है यदि निश्चित समय बीत जाता है तो बदली रद्द हो जाएगी और यह बदली लागू न करने की जिम्मेवारी सम्बन्धित कर्मचारी, स्कूल मुख्य और जिला शिक्षा अधिकारी की होगी।
शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि आवेदन केवल उन कर्मचारियों से ही लिये जाएंगें जिनके विरूद्ध विभागीय जांच लम्बित न हो और मौजूदा स्कूल में कम से कम तीन वर्ष व्यतीत किये हों चाहे मौजूदा स्कूल में उपस्थिति की तिथि 31-7-2011 या उससे पहले की हो। जिला शिक्षा अधिकारी सुविधा के लिए एक कमेटी गठित कर सकता है। उन्होने कहा कि सरपल्स रिक्त पदों पर कोई बदली नही की जाएगी यदि फिर भी बदली हो जाती है तो ऐसे कर्मचारी को स्कूल मुख्यों और जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उपस्थित नही करवाया जाएगा। साईस /कामर्स लैक्चरार और वोकेशनल मास्टरों की बदलिया उन स्कूलों में ही की जाएगी जिनमें संबधित ग्रुप चलते है।(अर्थात जहा +1 या +2 कक्षाओं में से किसी भी कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या 15 या 15 से अधिक या दोनों कक्षाओं में विद्यार्थियों की कुल संख्या 25 या 25 से अधिक, यह सही ग्रुप माने जाएगें। उपरोक्त शर्त पूरी ना करने वाले शेष ग्रुप डैड ग्रुप माने जाएगें)इन डैड ग्रुपों में साईस/कामर्स लैक्चरार और वोकेशनल मास्टरों के पद सरपल्स माने जाएगें और इन पदो पर बदलियां नही की जाएगी।उन्होंने कहा कि बदलियों के लिए रिक्त पदों की सूचित जिला शिक्षा अधिकारियों की चल रही बैवसाईट से ही ली जाएगी, जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सी एड वी कैडर/ मास्टर कैडर / आर्टस लैक्चरारों के पदों क ो बैवसाईट के ऊपर रैसनेलाईजेशन पॉल्सी 2013 अनुसार रिक्त या सरपल्स दिखाया जाये और साईंस/ कामर्स व वोकेशनल के डैड ग्रुपों (उपरोक्त क्रमानुसार 4) सम्बन्धी विषयों के पदों को सरपल्स दिखाया जाये। यदि किसी रैगुलर मंजूर शुद्ध रिक्त पद व एस एस ए तहत कोई कर्मचारी काम कर रहा है तो उस पद के विरूद्ध बदली नहीं की जाएगी। बैवसाईट में रिक्त स्थानों और सरपल्स दिखाने में किसी भी तरह की त्रुटि की निरोल जिम्मेवारी सम्बन्धित स्कूल मुखी और सम्बन्धित जिला शिक्षा अधिकारी की होगी।
शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि एक स्कूल के, आम बदलियों सम्बन्धी पॉलिसी की सभी समस्त शर्तें पूरी करने वाले इच्छुक आवेदकों के समस्त प्रार्थना पत्र (सहित संलग्र मिडल स्कूल यदि कोई हो)एकत्रित स्कूल मुखी द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में लिये जाएंगें। उन्होंने कहा कि स्कूल मुखी केवल शर्तें पूरी करने वाले अध्यापकों के केस ही सिफारिश करके भेजें।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि रमसा वाले अध्यापक केवल रमसा वाले स्कूल के लिए ही बदली के लिए प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। एस एस ए स्कूलों में केवल एस एस ए तहत काम करने वाले कर्मचारियों की बदली हो सकती है। कार्यालय डीजीएसई तहत आने वाले समूह कर्मचारियों के प्रार्थना पत्र जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा डीजीएसई कार्यालय में जमा करवाए जाएंगें। उन्होंने कहा कि इस सैशन दौरान कर्मचारी अपनी प्रार्थना पर केवल एक बार ही बदली करवा सकता है व यदि उसकी दोबारा बदली हो भी जाती है तो यह दूसरी बदली लागू न की जाए। उसे फारग होने से रोकें और बदली रद्द करने की सिफारिश करने की जिम्मेवारी सम्बन्धित स्कूल मुखी और जिला शिक्षा अधिकारी की होगी। उन्होंने कहा कि प्राईमरी में कम से कम दो अध्यापक जरूरी है। इस लिए विभाग की बदलियां लागू करते समय इसको आवश्य देख लिया जाये। प्राईमरी विभाग की बदलियां जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी और अन्तर जिले की बदलियां की बदलियां डीपीआई (ए) स्तर पर होंगी। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित जिला शिक्षा अधिकारी (सै.सि./ए.सि.)सभी बदलियों के आवेदन पत्रों के विवरणों की सॉफ्ट कापी स्टेट दफतर द्वारा भेजे गये एक्सल प्रफोर्में में भर कर सम्बन्धित कार्यालय डीजीएसई/डीपीआई (सै.सि./ए.सि.) को भेजेगें। उन्होंने यह भी कहा कि बदली सम्बन्धी नियमानुसार की जाएंगी परन्तु सजा के मामले तहत /कम परिणामों के कारण/शिकायत/नॉन परफोरमैंस/ विभागीय डियूटी में लापरवाही के कारण/ प्रबन्धकीय कारणों या लोक हित या अन्य कारणों के कारण भी उनकी विभाग द्वारा भी बदली की जा सकती है।