ग्रामीण विकास व पंचायत मंत्री सिंकदर सिंह मलूका ने आज विकास भवन में राज्य स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुये जिला परिषद के चेयरमैनों व उपचेयरमैनों की मुश्किलों के हल व उनके मानदेय में बढोतरी करने के लिए निदेशक सी. सिबिन के नेतृत्व में उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का ऐलान किया । कमेटी में पांच जिला परिषदों के चेयरमैन तथा विभाग के सीनियर अधिकारी शामिल हैं। कमेटी को समयबद्ध एक महीने में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया हैं। स. मलूका ने ग्रामीण क्षेत्र की चुनी हुई लीडरशिप को भरोसा दिया कि उनका सरकारी स्तर पर हर क्षेत्र में मान स मान यकीनी बनाया जाएगा। उन्होने यह भी ऐलान किया कि गांवों में शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों को सुविधाएं मुहैया करवाने व विकास कार्यो का जायजा लेने के लिए मौके पर जाकर चेैक करने का जिला परिषदों के चेयरमैनों को पूरा अधिकार है व यदि कही कोई मुश्किल है तो उसकों भी दूर किया जाएगा। स. मलूका ने पद संभालने के तुंरत बाद पंजाब की सभी जिला परिषदों के चेयरमैनों व उपचेयरमैनों की राज्य स्तरीय बैठक बुलाईथी जिसमें चेयरमैनों द्वारा खुलकर अपने विचार रखे गये । बैठक में आए पंचातयी प्रतिनिधियों ने मांग की कि उनके मानदेय में बढोतरी की जाए ताकि वह ग्रामीण क्षेत्र में अपनी जि मेवारियों को बेहतर ढंग से निभा सकें। उन्होने मांग की कि चेयरमैन के लिए 15000 रूपये तथा वाईस चेयरमैन के लिए 10000 रूपये प्रति माह मानदेय दिया जाए। इसी प्रकार चेयरमैन को एक हजार रूपये तथा वाईस चेयरमैन को 500 रूपये प्रति बैठक भत्ता दिया जाए उन्होने कार्यालयों के लिए बनती सुविधाए देने की भी मांग की । स. मलूका ने बैठक में ही चेयरमैनों व वाईस चेयरमैनों के पहचान पत्र बनाने का सुझाव स्वीकार कर लिया।
मलूका ने चेयरमैनों व उपचेयरमैनों की मांगों को हमदर्दी से विचारकर पूरी करने का भरोसा दिया । इसी उदेश्य के लिए उच्च स्तरीय कमेटी जिसमें पांच चेयरमैन शामिल किये गये है उनमें स. ग्रुरप्रीत सिंह मलूका, कुलतार सिंह बराड़,तरशिन्द्र सिंह पन्नू ,बीबी अमरजीत कौर व जसबीर सिंह दयोल शामिल हैं। केबिनेट मंत्री ने कहा कि ग्रामीण डिस्पैसरियें तथा पंचायती स्क्ूलों में खाली पद भरने के लिए कार्यवाही की जाएगी । इसी प्रकार जिला स्तर पर विभागीय बदलियों में जिला परिषद की लीडरशिप की शमुलियत यकीनी बनाई जाएगी। केबिनेट मंत्री ने कहा कि विभागों की खस्ता हालत ईमारतों की मुर मत करवाई जाएगी व जिन जिलों में जिला परिषद की ईमारतें नही है,वहां ईमारतों का निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार नरेगा के कार्यो में नियमों अधीन जिला परिषदों की शमुलियत की विश्वसनीय बनाई जाएगी।
मलूका ने कहा कि प्राईमरी स्कूलों के खेलों में पंचायती स्कूलों की शमुलियत होगी। यह भी संभव है कि भविष्य में जिला स्तर के प्राईमरी खेल सांझे हो व यह खेल जिला परिषदों की सलाह से करवाए जाएगें। उन्होने कहा कि ग्रामीण अस्पतालों मे दवाईयें की कमी को पूरा किया जाएगा । उन्होने यह भी कहा कि जिला परिषदें अपने साधन भी पैदा करें ताकि विकास कार्यो में मदद मिल सकें। उन्होने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिये कि विभाग का स पूर्ण पत्राचार पंजाबी में किया जाए व ऐसा ना करने वाले अधिकारी विरूद्ध कार्यवाही होगी। बैठक के अंत में चेयरमैनों व उपचेयरमैनों ने स. मलूका व स. बराड़ को स मानित किया। बैठक में ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग के मु य संसदीय सचिव स. मनतार सिंह बराड़, निदेशक सी. सिबिन व विभाग के अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।