ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने इस वर्ष 2013 से 2014 पंचायती जमीनें लीज़ पर देकर 250 करोड़ रूपए कमाए जबकि गत् वर्ष 240 करोड़ रूपए की आय हुई थी। ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री सिकन्दर सिंह मलूका ने बताया कि बोली में पारदर्शिता को मुख्य रखते हुए विभाग के सीनियर अधिकारियों की निगरानी अधीन प्रत्येक बोली की वीडियोग्राफी भी करवाई गई है। मंत्री ने आगे बताय कि पंजाब में पंचायती ज़मीन 1,71,450 एकड़ रक्बा है जिसमें 1,34,450 एकड़ लीज़ पर दी जा चुकी है जिससे पंचायतों को 10 करोड़ रूपए की अधिक आय हुई है। उन्होंने आगे बताया कि शीघ्र ही 37,000 एकड़ ज़मीन लीज़ पर दी जाएगी ताकि पंचायतों की आय में अधिक बढ़ोतरी हो सके।
मंत्री ने विभाग के समूह अधिकारियों को हिदायत की है कि शामलाट जमीनों पर नज़ायज कब्जे होने पर व लापरवाही किये जाने या मिलीभुगत पाए जाने पर सम्बन्धित अधिकारियों/ कर्मचारियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा जिन अधिकारियों ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री स. सिकन्दर सिंह मलूका ने बताया कि गत् वर्ष शामलाट जमीनें लीज़ से दो सौ चालीस करोड़ की पंचायती आय हुई थी। उन्होंने आगे बताया कि 37 हजार एकड़ जमीन चगोते पर दी जानी है और पंचायती आमदन में ओर भी बढ़ोतरी होगी।
मंत्री ने विभाग के समूह अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि शामलाट जमीनों पर नाजायज कब्जे होने व लापरवाही किये जाने या मिलीभुगत पाए जाने पर सम्बन्धित अधिकारियों/ कर्मचारियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि जिन अधिकारियों के पास कुलैक्टर की शक्तियां हैं, वह चल रहे केसों का निपटारा शीघ्र करें और काफी समय से लम्बित केसों को बिना कारण लटकाई अवस्था में रखे होंगें, उन अधिकारियों को भी स्पष्टीकरण देना पड़ेगा। राज्य के समूह जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी इस बात को विश्वसनीय बनाएं कि राज्य की पंचायती शामलाट जमीनों को आवश्यकतानुसार समतल करवाएं और दस एकड़ के पीछे कम से कम एक ट्यूबवैल कुनेक्षन लें ताकि पंचायती जमीनों से आमदन ओर बढ़ाई जा सकें। मंत्री ने बताया कि बढिय़ा कार्य करने वाली पंचायतों को हर वर्ष सम्मानित किया जाएगा।