पटियाला रेल इंजन कारखाना ने उन्नत कवच सुरक्षा व्यवस्था से युक्त अपने प्रथम यात्री रेल इंजन के लोकार्पण के साथ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। इस रेल इंजन का विधिवत लोकार्पण सुशील कुमार श्रीवास्तव, प्रधान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी द्वारा किया गया। कवच भारत में विकसित एक स्वदेशी स्वचालित रेल सुरक्षा व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य रेल परिचालन में “शून्य दुर्घटना” सुनिश्चित करना है।
यह व्यवस्था रेल चालक द्वारा संकेत की अनदेखी करने अथवा निर्धारित गति सीमा से अधिक गति होने की स्थिति में स्वतः ब्रेक लगा देती है। इसके अतिरिक्त यह आमने-सामने की रेल टक्कर को रोकने तथा समपार फाटकों पर स्वतः चेतावनी ध्वनि प्रदान करने में भी सक्षम है, जिससे परिचालन सुरक्षा में अत्यधिक वृद्धि होती है।
इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि कवच-सुसज्जित रेल इंजनों का समावेशन भारतीय रेल के आधुनिकीकरण तथा सुरक्षित रेल परिचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल भारतीय रेल की उस दूरदृष्टि के अनुरूप है, जिसके अंतर्गत यात्री सुरक्षा हेतु उन्नत स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को अपनाया जा रहा है। लोकार्पण समारोह के दौरान कारखाने के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर यह घोषणा भी की गई कि अब से कार्यशाला में निर्मित सभी यात्री तथा मालवाहक रेल इंजनों में कवच सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य रूप से स्थापित की जाएगी। यह अवसर पटियाला रेल इंजन कारखाना के लिए भारतीय रेल की सुरक्षा संरचना को स्वदेशी नवाचार एवं तकनीकी प्रगति के माध्यम से और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि सिद्ध हुआ।