Wednesday, 22 July 2026

 

 

खास खबरें भाजपा चाहती तो हिमाचल प्रदेश को कर्जमुक्त बना सकती थीः सुखविन्द्र सिंह सुक्खू आप सरकार ने नौकरशाही को हाशिए पर धकेलने के बाद अब खुलेआम राजनीति का अपराधीकरण शुरू कर दिया है: सुनील जाखड़ पंजाब में पेपर लीक मामलों पर मान और बैंस दें इस्तीफा: अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग 'मिर्जापुर: द फिल्म' से पहले श्वेता त्रिपाठी ने याद किया फ्रेंचाइज़ी का यादगार सफर खरड़ पदयात्रा का 9वां दिन : रविंदर सिंह खेड़ा ने निज्जर रोड पर बंद पड़ी सीवरेज लाइन का मुद्दा उठाया सुखबीर सिंह बादल द्वारा अकाली कार्यकर्ताओं से सभी बाढ़ संभावित क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा कार्य करने का आग्रह सुखबीर सिंह बादल ने केंद्र से विरोध कर रहे छात्रों की शिकायतों का समाधान करने की अपील की 'दोस्त-दोस्त न रहा' गाने वाले मुकेश ने कई फिल्मों में किया अभिनय, संगीत प्रेमियों के दिलों में आज भी गूंजती है उनकी आवाज गुजरात: गृह मंत्री अमित शाह ने 815 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया नीट विवाद: हैदराबाद पुलिस ने लोक भवन की ओर मार्च कर रहे छात्रों को रोका पीएम आवास के बाहर धरना दे रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हटाया, राहुल गांधी बोले-जोर आजमा लो, लड़ाई नहीं रुकेगी राहुल गांधी की केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह से वार्ता विफल, कांग्रेस ने सरकार के सामने रखी 5 मांगें 'छात्रों की आवाज को नजरअंदाज करना गलत', राहुल गांधी ने भारतीय से धरने में शामिल होने की अपील की कम बारिश वाले जिलों में किसानों की मदद के लिए तेज प्रयास कर रही केंद्र कोल्हापुर को मिलेगा 35 हजार दर्शक क्षमता वाला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, सीएम फडणवीस की मौजूदगी में हुआ एमओयू छात्रों के विरोध प्रदर्शन को संवेदनशीलता से संभाले सरकार, वाईएसआर कांग्रेस की मांग जयशंकर का दो द‍िवसीय फिलीपींस दौरा, 'आसियान' और 'क्‍वाड' बैठक में होंगे शामिल पंकज त्रिपाठी की 'ओह माय डॉग' में दिखेगा इंसान और डॉग का खास रिश्ता, बोले- 'यह कहानी दिल को छू लेने वाली है' ओ.एस.डी. सुखवीर सिंह ने धूरी हलके में चल रही विकास परियोजनाओं का लिया जायजा बेला फ़ार्मेसी कॉलेज को नया पेटेंट मिला लंबित राजस्व मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करें अधिकारी: आशिका जैन

 

ब्रहाज्ञान के द्वारा ही भावों में बदलाव आता है

गृहस्थ में रहते हुए सत्गुरू की शिक्षाओं का अनुसरण करें

Sant Nirankari Mission, Manimajra
Listen to this article

Gurpreet Singh

Gurpreet Singh

5 Dariya News

मनीमाजरा , 05 Apr 2026

Last updated on: Apr 06, 2026, 12:45 IST

सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज के पावन पवित्र आर्शीवाद से संत निरंकारी सत्संग भवन, मौली जागरां में महिला समागम का आयोजन किया गया।जिसमें महिला श्रद्वालुओं ने गीत, विचार, कविता, स्किट व संास्कृतिक प्रस्तुतियों द्वारा सत्गृरू की शिक्षाओं का यशोगान किया।

इस अवसर पर बहन सिमरन वर्मा जी, प्रचारिका, चंडीगढ़ ने कहा कि सत्गुरू की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने से ही सभी नकारात्मक पहलुओं का समाधान हो जाता है। उन्होंने एक उदाहरण से समझाते हुए कहा कि अकसर बाजार में कपड़े की दुकान पर कपड़े देखने जाते है, दुकानदार आपको कई वैरियटी के कपड़े दिखाता है। 

हमें चुनाव करना है कि क्या खरीदना है। इसी प्रकार आज समागम में श्रद्वालुओं से विचार, गीत आदि श्रवण किए हैं, परन्तु हम उसमें से क्या सिखलाई लेकर जाते हैं यह हम पर निर्भर करता है। लेकिन कोशिश करें कि यहां मिली सारी सिखलाई को जीवन में अपनाएं।

उन्होंने आगे कहा कि अगर हम सत्संग के अंदर तो दास भावना से युक्त होकर रहते हैं परन्तु अन्यथा मन अभिमान से भरा हुआ हो तो हमारी भी हालत उस सांप जैसी है जो बेशक अच्छा नजर आ रहा है, परंतु उसके शरीर में जहर है जो कभी हानि पहुंचा सकता है। जब तक मेरे अंदर अवगुण के भाव हैं जो दूसरों का निरादर, निंदा , नफरत , दूसरों का सत्कार न करना आदि अंदर के जहर को नहीं निकालते तो हर कोई आपका अपना नहीं बन पाएगा। सत्गुरू प्यार से ही खुश होता है।

उन्होंने कहा कि सत्गुरू हमें ब्रहाज्ञान से जोड़कर हमारी नकारात्मकता को सकारात्मकता में परिविर्तित करता है। हमारे अंदर की मिठास, आदर के भावों को जीवन में लाता है। जिस प्रकार किसी को एक कप चाय का चीनी डालकर व चम्मच देकर दिया गया हो परंतु वो बिना चीनी मिलाए चाय पीएगा तो पहले वाले घूंट में उसे चीनी की मिठास नहीं मिलेगी लेकिन अंतिम के कुछ घूंट मीठे लगेंगे। 

इसलिए सत्गुरू हमें अवगुणों को गुणों में सेवा, सिमरन व सत्संग द्वारा परिवर्तिंत कर देता है। उन्होंने कहा कि सत्संग में सीखने से भाव से जाकर ही सीखा जा सकता है और सुकून मिलता है। जब भी सत्संग में आए भाव लेकर आए अभाव नहीं। सत्संग में अकसर आना क्यों जरूरी है इसे एक मां ने बच्चे को उदाहरण द्वारा समझाते हुए कहा कि एक कोयला के टुकड़े को अंगीठी में डाला, फिर उसे निकालकर राख में रख दिया। 

कोयला राख में मिलकर ठंडा होते ही अपने असली स्वरूप में आ गया। इसी प्रकार मां ने फिर कोयले को राख से निकाला ओर अंगीठी में दोबारा डाल दिया, आग की तपिश में गया अब फिर से वो चमक रहा था और गर्माहट दे रहा था। इसी प्रकार जब संसार में रहते हमारे मन पर ंभी निंदा, चुगली, नकारात्मका के भावों की धूल पड़ जाती है जो साधसंगत में आते ही जब संतजनों के वचनों की तपिश मिलती है तो अभाव भाव बदल जाते हैं।

उप्होंने एक अन्य उदाहरण से समझाया कि एक राजा ने तीन प्रश्न किए कि सबसे अच्छी सेज मखमली सेज होती है। तो वो घास काटने वाला कहता है कि जब हम अपनी चिंता को प्रभु परमात्मा को समर्पित कर देते हैं तो जंगल में भी नींद आ जाएगी तो वो ही सबसे अच्छी सेज होती है। 

दूसरा सबसे श्रेश्ठ व पवित्र जल गंगा का होता है, ऐसा नहीं है जो जल कहीं पर प्यास बुझाा दे वो ही सर्वोत्म जल होता। तीसरा प्रश्न बेशक सबसे मीठा फल आम होता है परंतु सेवा का फल सबसे मीठा होता है। उसकी मिठास गले तक सीमित नहीं होती वो सदैव रहती है।

उन्होंने कहा कि गृहस्थ में रहते हुए सत्गुरू की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए अपने अभावों को भावों में बदलना ही सच्ची भक्ति है। इस अवसर पर स्थानीय मुखी श्री अमरजीत सिंह जी ने बहन सिमरन वर्मा जी, जोनल इंचार्ज, संयोजक, मुखियों व आसपास के क्षेत्र से आए सभी श्रद्वालुओं का आभार व धन्यावाद किया।

 

Tags: Sant Nirankari Mission , Manimajra

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD