Thursday, 04 June 2026

 

 

खास खबरें एमवाई भारत ने 3.9 लाख क्विज़ पार्टिसिपेंट्स के साथ गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जितिन प्रसाद ने आईआईएफटी में जीबीआरसी 2026 का उद्घाटन किया शिमला पहाड़ी चौक की वर्षों पुरानी जलभराव समस्या का समाधान पंजाब पुलिस ने बड़ी आतंकी साजिश को किया नाकाम रोटरी क्लब रोपड़ सेंट्रल के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रवि प्रकाश का आधिकारिक दौरा सरकार 2027 तक 5,000 ई85 फ्यूल स्टेशन शुरू करेगी : हरदीप सिंह पुरी 1 किलोवाट उपभोक्ताओं के घर बिना बैंक गारंटी लगेगा सोलर सिस्टम, बिजली बिल होगा शून्य : अनिल विज सीएम मोहन चरण माझी ने बैठक में आपदा जोखिम कम करने पर ब्रिक्‍स के बीच सहयोग की अपील की नशों के खिलाफ अभियान को और मजबूत बनाने के लिए अमृतसर केंद्रीय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित नशाविरोधी अभियान के दौरान हवलदार शहीद भारत की ओर बढ़ रहा है दीर्घकालिक वैश्विक निवेश, निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद गंतव्य बना देश : पीयूष गोयल ‘ग्राम चिकित्सालय 2’ की रिलीज डेट का ऐलान, 23 जून से होगी स्ट्रीम खराब मौसम के कारण राहुल गांधी का अल्मोड़ा दौरा रद्द, वीडियो शेयर कर बोले-जल्द दोबारा आऊंगा केरल को विरासत में 5.07 लाख करोड़ रुपये का कर्ज मिला : सीएम वी.डी. सतीशन मालवीय नगर अग्निकांड के पीड़ितों से मिलने पहुंचीं सीएम रेखा गुप्ता पीठ-कमर दर्द से राहत, तो दूर शरीर की जकड़न दूर करने में कारगर ये योगासन, आयुष मंत्रालय की सलाह 'पेड्डी' की रिलीज पर तिरुपति बालाजी के दर पहुंचीं जान्हवी कपूर, किए दर्शन त्रिपुंड, भांग और सूखे मेवों से सजे बाबा महाकाल भीषण गर्मी में खुद को रखें सुरक्षित, हीटवेव से बचाव के लिए युवा अपनाएं ये हेल्थ टिप्स सर्वांगासन बढ़ती उम्र की समस्याओं को दूर करने में कारगर, अभ्यास के कई फायदे 5 जून का पंचांग : पुरुषोत्तम मास के 20वें दिन अभिजीत मुहूर्त के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग, नोट कर लें राहुकाल

 

डॉ. जितेंद्र सिंह ने मिशन-आधारित भारत-ऑस्ट्रेलिया तकनीकी सहयोग का आह्वान किया

20 वर्षीय “ऑस्ट्रेलिया-भारत रणनीतिक अनुसंधान कोष” (एआईएसआरएफ) ढांचे के तहत पांच संयुक्त परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया गया

Dr Jitendra Singh, Bharatiya Janata Party, BJP, Union Minister of Earth Sciences, Dr Andrew Charlton
Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

नई दिल्ली , 18 Feb 2026

Last updated on: Feb 19, 2026, 11:59 IST

केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और ऑस्ट्रेलिया के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल अर्थव्यवस्था के सहायक मंत्री डॉ. एंड्रयू चार्लटन एमपी के बीच हुई वार्ता के बाद, भारत और ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में मिशन-उन्मुख सहयोग की दिशा में आपसी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संबंधी साझेदारी का विस्तार और पुनर्गठन करने पर सहमति व्यक्त की।

ऑस्ट्रेलियाई मंत्री ने एक उच्चस्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ भारतीय मंत्री से मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने 2026 में दो दशक पूरे करने वाले ऑस्ट्रेलिया-भारत रणनीतिक अनुसंधान कोष (एआईएसआरएफ) की प्रगति की समीक्षा की और इस कार्यक्रम के 16वें चरण के तहत पांच संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं को अंतिम रूप दिए जाने का स्वागत किया। 

ये परियोजनाएं महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण, क्वांटम प्रौद्योगिकी, उन्नत मैन्यूफैक्चरिंग, जलवायु के अनुकूल कृषि तथा कोशिकीय प्रतिरक्षा चिकित्सा से संबंधित हैं और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन, सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला एवं उन्नत जैव प्रौद्योगिकी संबंधी प्राथमिकताओं के साथ द्विपक्षीय अनुसंधान के अधिक सुदृढ़ समन्वय को दर्शाती हैं।

चयनित परियोजनाओं में से भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समर्थित तीन परियोजनाएं उच्च मूल्य वाले इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट के पुनर्चक्रण पर केन्द्रित हैं, जिनमें फोटोवोल्टिक पैनलों का पुन: उपयोग, बैटरियों से महत्वपूर्ण खनिजों की पुनर्प्राप्ति के लिए हरित रसायन विज्ञान और क्वांटम मशीन लर्निंग प्रणालियों में प्रतिकूल परिस्थितियों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता शामिल हैं। 

जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समर्थित दो परियोजनाएं ऊष्मा-सहिष्णु फसलों के विकास और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले रोगियों में वायरल संक्रमण के लिए कोशिकीय प्रतिरक्षा चिकित्सा समाधानों को आगे बढ़ाएंगी। दोनों मंत्रियों ने कहा कि चरण-16 के परिणामों की संयुक्त घोषणा व्यावहारिक अनुसंधान संबंधी साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

चर्चा के दौरान, डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि भारत उन्नत सामग्री, क्वांटम प्रौद्योगिकी, एआई-आधारित अनुसंधान, स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे अग्रणी क्षेत्रों में मिशन-आधारित दृष्टिकोण अपना रहा है। उन्होंने भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी जैव-अर्थव्यवस्था के केन्द्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से बनाई गई बायोई3 नीति पर प्रकाश डाला। 

उन्होंने उद्योग जगत की भागीदारी को शामिल करने और अनुसंधान को व्यावहारिक समाधानों में परिवर्तित करने के महत्व को रेखांकित किया। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग के मार्गदर्शक सर्वोच्च तंत्र के रूप में भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समिति तथा संयुक्त जैव प्रौद्योगिकी समिति की भूमिका की पुष्टि की और नवंबर 2024 में अपनी 10वीं बैठक में नवाचार नीति के संरेखण और अनुसंधान को वास्तविकता में बदलने पर हुई चर्चाओं पर ध्यान दिया। 

दोनों मंत्रियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि भविष्य में सहयोग ऐसे बड़े, प्रभाव-आधारित और बहु-संस्थागत परियोजनाओं पर केन्द्रित होना चाहिए जो साझा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप हों। वर्ष 2006 में शुरू किए गए एआईएसआरएफ ने संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, फैलोशिप और कार्यशालाओं सहित 370 से अधिक सहयोगी गतिविधियों का समर्थन किया है। 

ऑस्ट्रेलिया ने 2006 और 2020 के बीच इस कोष में 90 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का योगदान दिया और आगामी चरणों के लिए आवंटन जारी रखने की घोषणा की है, जबकि भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने स्थापना के बाद से सामूहिक रूप से लगभग 140 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का समर्थन किया है। 

इस अवधि में संयुक्त प्रकाशनों की संख्या तीन गुना से अधिक हो गई है और इस साझेदारी से प्रौद्योगिकी प्रदर्शक, पेटेंट और दोनों देशों के बीच शोधकर्ताओं की निरंतर आवाजाही संभव हुई है। दोनों मंत्रियों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पृथ्वी अवलोकन, कृषि, आपदा प्रबंधन और समुद्री अनुप्रयोगों के साथ-साथ अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता और बाह्य अंतरिक्ष की दीर्घकालिक स्थिरता सहित अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। 

उन्होंने संपूर्ण अंतरिक्ष मूल्य श्रृंखला में अंतरिक्ष एजेंसियों, अनुसंधान संस्थानों और निजी उद्यमों के बीच घनिष्ठ सहयोग की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। दोनों पक्षों ने संयुक्त डॉक्टरेट एवं पोस्टडॉक्टोरल कार्यक्रम, उद्योग से जुड़ी फैलोशिप और सह-पर्यवेक्षण मॉडल सहित शोधकर्ताओं की दोतरफा आवाजाही को गहरा करने पर सहमति व्यक्त की ताकि इस साझेदारी का भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार रहना सुनिश्चित किया जा सके।

इस बैठक में भारत-ऑस्ट्रेलिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की बढ़ती केन्द्रीयता पर जोर दिया गया और दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में पारंपरिक सहयोग से आगे बढ़कर सह-विकास, सह-सृजन और उद्योग-एकीकृत नवाचार की दिशा में आगे  बढ़ने का इरादा जताया।  

 

Tags: Dr Jitendra Singh , Bharatiya Janata Party , BJP , Union Minister of Earth Sciences , Dr Andrew Charlton

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD