'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़पों में घायल प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा मंगलवार को राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल और लेडी हार्डिंग अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और उनके इलाज की जानकारी ली। नड्डा ने आरएमएल अस्पताल में डॉक्टरों के साथ बैठक कर घायलों की स्वास्थ्य स्थिति की समीक्षा भी की।
उनका यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब सोमवार को जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थकों और छात्रों की पुलिस के साथ हिंसक झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारी नीट-यूजी पेपर लीक समेत परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
सोमवार को सीजेपी के दो प्रतिनिधियों ने जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात कर संगठन की तीन प्रमुख मांगों से संबंधित एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा था। मंगलवार को एनडीए के 'मंगल मिलन' कार्यक्रम में पहुंचने पर जब नड्डा से इस बैठक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "बैठक अच्छी रही। बैठक हमेशा अच्छी होती है।"
हालांकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को किसी प्रकार का आश्वासन दिए जाने के सवाल पर कोई टिप्पणी नहीं की। सरकारी सूत्रों के अनुसार पहली बैठक सुबह करीब 11:50 बजे हुई, जिसमें सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने मौखिक रूप से अपनी मांगें रखीं। इसके बाद नड्डा ने उन्हें मांगों को लिखित रूप में सौंपने को कहा। दोपहर करीब चार बजे प्रतिनिधिमंडल दोबारा उनके आवास पहुंचा और विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
सीजेपी की ओर से प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिना किसी प्रतिबंध के रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट-2026 पेपर लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक नड्डा ने इन तीनों मांगों पर कोई आश्वासन नहीं दिया। हालांकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर पर चल रहे धरने को समाप्त करने और संसद भवन के इलाके में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। बैठक के बाद नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और यह भी बताया कि बातचीत की पहल सीजेपी की ओर से की गई थी।
उन्होंने पुष्टि की कि प्रतिनिधिमंडल ने विस्तृत चर्चा के बाद शाम चार बजे अपना लिखित ज्ञापन सौंपा। इस बीच, पुलिस द्वारा जंतर-मंतर से मंच और टेंट हटाए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी मंगलवार सुबह फिर वहां एकत्र हुए और अपना विरोध जारी रखा। सीजेपी की अपील के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए इलाके में दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों की भारी तैनाती की गई है।