सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली ने शिक्षा और नेतृत्व के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ते हुए अपने वार्षिक साहित्य महोत्सव ‘साहित्याम 2026’ के दौरान ‘किरण बेदी लीडरशिप लर्निंग्स प्रोग्राम’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन भारत की प्रथम महिला आईपीएस अधिकारी एवं पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी ने किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. किरण बेदी ने कहा कि वर्तमान समय में देश को सैद्धांतिक और साहसी नेतृत्व की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “फियरलेस गवर्नेंस की नींव व्यक्तिगत अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित होती है।” उन्होंने छात्रों को साहस, नैतिकता और जनहित के लिए कार्य करने की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
किरण बेदी लीडरशिप लर्निंग्स प्रोग्राम के अंतर्गत ‘फियरलेस लीडरशिप एंड एंटरप्रेन्योरशिप चैलेंज’ की भी शुरुआत की गई। इस पहल के दो प्रमुख चरण हैं। पहले चरण गवर्नेंस इनोवेशन ट्रैक के अंतर्गत विद्यार्थी कैंपस और स्टार्ट-अप स्तर पर सुधारात्मक मॉडल प्रस्तुत करेंगे।
वहीं दूसरे चरण लीडरशिप-इन-एक्शन सिमुलेशन में वास्तविक जीवन जैसे दबावपूर्ण हालातों में छात्रों की निर्णय-क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे। सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के मैनेजिंग डायरेक्टर अर्श धालीवाल ने जानकारी दी कि आने वाले समय में डॉ. किरण बेदी के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम को एक संरचित सर्टिफिकेट कोर्स के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसका मुख्य उद्देश्य पुस्तकीय ज्ञान और वास्तविक प्रशासनिक चुनौतियों के बीच की खाई को समाप्त करना है। यह पहल विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिसके तहत अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और सामाजिक नेतृत्व को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के संस्थापक चांसलर एवं अंतरराष्ट्रीय फादर ऑफ एजुकेशन पुरस्कार से सम्मानित रछपाल सिंह धालीवाल ने कहा कि साहित्याम 2026 के दौरान डॉ. किरण बेदी द्वारा इस कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की उस व्यापक सोच को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत बौद्धिक गहराई और नैतिक साहस से युक्त भविष्य के नेताओं का निर्माण किया जा रहा है।
फियरलेस गवर्नेंस के आदर्शों को अपने शैक्षणिक वातावरण में शामिल कर विश्वविद्यालय ने देश की विकसित राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप एक सशक्त नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।