अनुसंधान (रिसर्च), नवाचार और अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने के अपने संकल्प को दोहराते हुए, सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली द्वारा 'कम्युनिकेशन, कंप्यूटिंग एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में हालिया प्रगति' (Recent Advancements in Communication, Computing and Artificial Intelligence) विषय पर तीसरी दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कॉन्फ्रेंस ने संचार, कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उभरती हुई तकनीकों पर विचार-विमर्श करने के लिए दुनिया भर के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, औद्योगिक विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं को एक साझा मंच प्रदान किया।
कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन समारोह में शैक्षणिक और उद्योग जगत की जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की। प्रो. (डॉ.) भोला राम गुर्जर (वाइस चांसलर और डायरेक्टर, एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़) ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उनके साथ प्रो. (डॉ.) एम. एन. होडा (आईईईई चेयरपर्सन और डायरेक्टर, भारती विद्यापीठ) और प्रो. राजेश कुमार दुबे (डायरेक्टर, यूजीसी-एमएमटीटीसी) विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस अवसर पर मुख्य वक्ताओं के रूप में प्रो. (डॉ.) मनिंदर सिंह (थापर इंस्टीट्यूट, पटियाला), डॉ. अरुण कुमार सिंह (पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़) और थाईलैंड की वेलालाक यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बुखोरी साओह ने एडवांस्ड कंप्यूटिंग और एआई के बदलते स्वरूप के बारे में बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। यह कॉन्फ्रेंस सीजीसी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) विनय गोयल के दूरदर्शी नेतृत्व में और डॉ. सज्जन सिंह (प्रिंसिपल सीसीई और कॉन्फ्रेंस चेयर) की देखरेख में आयोजित की गई।
इस कॉन्फ्रेंस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। विश्व भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों से कुल 1,083 शोध पत्र (रिसर्च पेपर्स) प्राप्त हुए थे। एक सख्त समीक्षा प्रक्रिया के बाद, 241 उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्रों को प्रस्तुति के लिए चुना गया।
इन शोध पत्रों को 16 हाइब्रिड पैरेलल तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सुरक्षा, इंटेलिजेंस नेटवर्क और ऑटोमेशन जैसे विषय चर्चा का केंद्र रहे।
इस बीच डॉ. बबन कुमार बंसोड़ (मुख्य वैज्ञानिक, सीएसआईआर चंडीगढ़) और डॉ. आयुष श्रीवास्तव ने भविष्य के उद्योगों को नया रूप देने में एआई की भूमिका पर प्रकाश डाला। कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र में जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली के प्रो. (डॉ.) अब्दुल कय्यूम अंसारी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए ऐसे अंतर-विषयक (इंटरडिसीप्लिनरी) अनुसंधान मंच बहुत जरूरी हैं। यूनिवर्सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर अर्श धालीवाल ने घोषणा की कि कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत किए गए चुनिंदा शोध पत्रों को प्रतिष्ठित एआईपी पब्लिशिंग प्रोसीडिंग्स (AIP Publishing Proceedings) में प्रकाशित किया जाएगा, जो शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगा।
अंत में, प्रबंधन द्वारा इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी अतिथियों, शोधकर्ताओं, समीक्षकों और छात्र स्वयंसेवकों का तहे दिल से आभार व्यक्त किया गया।