बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा है। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नकल करने में नंबर वन हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम तो बहुत पहले से कह रहे हैं कि वे हमारी माई बहन मान योजना की नकल करेंगे और अब वे नकल कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसमें केंद्र सरकार ने एक पैसा नहीं दिया, यह राज्य सरकार का पैसा है। उन्होंने कहा कि वे लोग बिहार की जनता को मूर्ख न समझें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और एनडीए सरकार माई बहन मान योजना की नकल भले कर लें, लेकिन चुनाव के बाद, वे यह उधार रूपी 10,000 रुपये वसूलेंगे, ये बिहार की जनता समझती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए के पास अपनी कोई मौलिक सोच या योजना नहीं है। तेजस्वी ने कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि मौजूदा सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है। पत्रकारों की पिटाई और गाली-गलौज की घटनाएं सामने आ रही हैं। अगर यह जंगलराज नहीं है, तो क्या है? सत्तापक्ष पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि हम विकास की सोच के साथ बिहार को आगे ले जाएंगे और इसी रास्ते पर टिके रहेंगे।
रोहिणी आचार्या को लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी कुर्बानी की कोई तुलना नहीं है। उन्होंने रोहिणी को बड़ी बहन बताते हुए कहा, "उन्होंने मुझे पाला है, पोसा है, बड़ा किया है। उन्होंने जो कुर्बानी दी है, उसकी तुलना नहीं हो सकती क्योंकि शायद ही आज के जमाने में कोई अपने परिवार में किसी को किडनी दे।
छपरा की जनता ही चाहती थी कि उन्हें छपरा से टिकट मिले और लालू जी ने सारण की जनता की बात सुनकर रोहिणी को टिकट दिया।" उन्होंने आगे कहा कि उनकी (रोहिणी आचार्या) अपनी कोई लालसा कभी भी टिकट पाने में रही और न ही किसी को दिलाने में।