अमर शहीद बाबा अजीत सिंह जुझार सिंह मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी (एक स्वायत्त संस्थान), बेला ने नए बैच 2025-29 के बी.फार्मेसी और बी.एससी एमएलएस छात्रों के लिए सप्ताह भर का ओरिएंटेशन प्रोग्राम 21 जुलाई से 25 जुलाई तक शुरू किया।
इस कार्यक्रम में बी.फार्मेसी में दाखिल हुए 150+ छात्र शामिल हुए। यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम हर वर्ष नए छात्रों के लिए आयोजित किया जाता है, जिससे वे कॉलेज के नए वातावरण में सहजता से समायोजित हो सकें और कॉलेज द्वारा पोषित मूल्यों से परिचित हो सकें।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज ऑफ फार्मेसी, बेला के Director डॉ. (प्रो.) शैलेश शर्मा द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. (प्रो.) सतनाम सिंह, प्रमुख (फार्माकोगनोसी विभाग) ने कार्यक्रम के उद्देश्य और महत्व को स्पष्ट किया।
उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम छात्रों को परिसर, संकाय, कर्मचारियों और शैक्षणिक संसाधनों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें साथियों से मिलने और छात्र जीवन, क्लबों तथा अन्य पाठ्येतर गतिविधियों के बारे में जानने का अवसर प्रदान करता है।
मुख्य भाषण में डॉ. (प्रो.) शैलेश शर्मा ने छात्रों को संस्थान की समृद्ध विरासत और गौरवमयी इतिहास के बारे में बताया और कॉलेज ऑफ फार्मेसी, बेला को उनके उज्ज्वल भविष्य हेतु चुने जाने के लिए बधाई दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि कॉलेज में छात्रों को उच्च कोटि के संकाय और संसाधनों से ज्ञान प्राप्त होगा।
उन्होंने छात्रों को मेहनत और उपलब्धियों द्वारा संस्थान की परंपरा को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। पहले दिन छात्र फार्मास्युटिक्स और फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री विभाग का भ्रमण किया। डॉ. नेहा शर्मा ने फार्मास्युटिक्स विभाग में चल रहे नवीन शोध तकनीकों के बारे में जानकारी दी।
फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री प्रयोगशाला में प्रो. मनप्रीत कौर और प्रो. पूजा ने छात्रों को प्रयुक्त उपकरणों और विधियों से परिचित कराया। छात्रों के मनोरंजन के लिए ‘Tell Your Story’ नामक विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जिसे प्रो. रमनदीप कौर और प्रो. रविना ने संचालित किया।
इसमें छात्रों ने अपने विचार और यादगार अनुभव साझा किए, जो उत्साहपूर्ण और आनंददायक माहौल में हुए। दूसरे दिन व्यक्तिगत स्वास्थ्य और उत्पादकता पर ध्यान केंद्रित किया गया। श्री राज कुमार, प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर और लाइफ कोच, ने तनाव और समय प्रबंधन पर व्याख्यान दिया।
उन्होंने आत्म-जागरूकता, प्राथमिकता निर्धारण और Academic Life में लचीलापन विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। संध्या सत्र में प्रो. संदीप कौर ने फार्मेसी व्यवसाय में आने वाली नैतिक चुनौतियों और उनके समाधान की रणनीतियों पर प्रकाश डाला।