अमर शहीद बाबा अजीत सिंह जुझार सिंह मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी, बेला ने अपने बीएससी मेडिकल लैबोरेटरी साइंसेज़ (एमएलएस) के स्नातकों को तीन वर्षीय डिग्री कार्यक्रम पूर्ण होने पर भावपूर्ण विदाई दी। साइनिंग‑ऑफ डे समारोह अकादमिक उपलब्धियों, साझा यादों और भविष्य की आकांक्षाओं का जीवंत उत्सव बन गया।
कॉलेज के ऑडिटोरियम में एकत्र हुए जाते हुए छात्रों ने अपनी परिवर्तनकारी यात्रा को याद किया—कठोर प्रयोगशाला सत्रों, डायग्नोस्टिक तकनीकों में व्यावहारिक प्रशिक्षण, सामूहिक परियोजनाओं और सह-पाठयक्रम गतिविधियों से लेकर अब तक के सफर को उन्होंने भावुक होकर साझा किया। हंसी‑मज़ाक के बीच उन्होंने देर रात तक चलने वाले अध्ययन सत्रों, संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन और कैंपस में बने आजीवन मित्रताओं के किस्से सुनाए।
कॉलेज के निदेशक डॉ. शैलेश शर्मा ने प्रेरक शब्दों के साथ विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “ईमानदारी से जीवन जियो, मेहनत से कभी पीछे मत हटो और अपने मार्ग में आने वाले हर व्यक्ति का सम्मान करो—आप निश्चय ही सफल होंगे,” तथा युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने पेशेवर जीवन में भी कॉलेज के मूल्यों को आत्मसात रखें। कार्यक्रम का माहौल और भी आत्मीय हो उठा जब प्रोफेसर रमणदीप कौर, रविंदर कौर, हरप्रीत कौर, रुपिंदर कौर, मनजोत कौर सहित सभी स्टाफ सदस्यों ने विद्यार्थियों को हार्दिक आशीर्वाद दिया।
तालियों की गड़गड़ाहट के बीच प्रमाणपत्र वितरित किए गए, जो औषधीय विज्ञान एवं मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में समर्पित शिक्षा‑यात्रा की सफल परिणति का प्रतीक थे। यह समारोह कुशल स्वास्थ्य‑सेवा पेशेवरों के निर्माण के प्रति कॉलेज की दृढ़ प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करता है।
जैसे ही ये स्नातक व्यावसायिक जीवन की राह पर आगे बढ़ते हैं, वे अमर शहीद बाबा अजीत सिंह जुझार सिंह मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी की गौरवशाली विरासत अपने साथ लेकर जा रहे हैं—डायग्नोस्टिक्स, अनुसंधान और रोगी‑सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार।