यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) ने चंडीगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज-सीजीसी लांडरां, मोहाली को दस वर्षों के लिए 'ऑटोनोमस स्टेटस' प्रदान किया है। यह भी उल्लेखनीय है कि सीईसी-सीजीसी लांडरां एक एनएएसी ए+ मान्यता प्राप्त कॉलेज है, जिसे 4 अंकों के पैमाने पर 3.42 का सीजीपीए प्राप्त है।
सीईसी-सीजीसी लांडरां, मोहाली को उच्च शिक्षा में ऑटोनोमी प्राप्त है, जो एक कार्यात्मक स्टेटस है जिसे यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) द्वारा कॉलेजों को प्रदान किया जाता है। इसका उद्देश्य अकैडमिक्स स्टैंडर्ड्स और एक्सीलेंस में सुधार के संदर्भ में अकादमिक डेवलपमेंट के लिए अधिक फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करना है।
भारत में उच्च शिक्षा का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, जिसका प्रमुख संकेत नेशनल एजुकेशन पालिसी (एनईपी) 2020 का कार्यान्वयन है। इस नीति का उद्देश्य एक फ्लेक्सिबल, मलटीडीसीप्लीनरी और स्किल बेस्ड एजुकेशनल सिस्टम को बढ़ावा देना है।
जो माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदृष्टि का हिस्सा रही है। इस नीति के मुख्य तत्वों में उच्च शिक्षण संस्थानों (एचइआई) को अधिक ऑटोनोमी प्रदान करना शामिल है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, इनोवेशन और अकादमिक फ्रीडम को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सीईसी को अब अपने अकादमिक प्रोग्राम्स को स्वनिर्धारित करने और उद्योग की आवश्यकताओं व छात्रों की रुचियों के अनुरूप बहुविषयक करिकुलम शुरू करने की स्वतंत्रता प्राप्त होगी। यह संस्थान अब क्षेत्रीय आवश्यकताओं और उद्योग की अपेक्षाओं के प्रति अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने में सक्षम होगा, जिससे ये ज़्यादा एडेप्टबल और एजुकेशनल फ्रेमवर्क तथा पीएच.डी. और विभिन्न फंडेड प्रोजेक्ट्स के लिए एक अनुसंधान केंद्र विकसित हो सकेगा।
ऑटोनोमस इंस्टिट्यूट होने के नाते, सीईसी-सीजीसी लांडरां के छात्र और फैकल्टी मेंबर्स कई लाभों का आनंद ले सकेंगे, जिनमें उन्नत अकादमिक क्वालिटी, रिसर्च और इनोवेशन के लिए बढे हुए अवसरों की उपलब्धता, इंडस्ट्री और एकेडेमिक्स के बेहतर कनेक्शंस, और सहयोग और साझेदारियों के माध्यम से व्यापक अनुभव शामिल हैं।
साथ ही, यह ग्लोबल यूनिवर्सिटी कोलैबोरेशन के माध्यम से स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम्स में भागीदारी का अवसर भी प्रदान करेगा, जो छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देगा। इस मान्यता पर खुशी व्यक्त करते हुए और सीजीसी परिवार को बधाई देते हुए सीजीसी लांडरां के चेयरमैन सतनाम सिंह संधू और प्रेसिडेंट रशपाल सिंह धालीवाल ने कहा, “हमें यूजीसी से ऑटोनोमस दर्जा प्राप्त होने पर गर्व है।
यह हमारे संस्थान की 24 वर्षों की विरासत और हमारे छात्रों को सर्वोत्तम शैक्षणिक एवं करियर अवसर प्रदान करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।” यह स्टेटस हमें हमारे करिकुलम को लेटेस्ट अकादमिक आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित करने की क्षमता भी प्रदान करता है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे छात्र एक प्रगतिशील और इंडस्ट्री के हिसाब से एजुकेशन सिस्टम के तहत अधिक लाभ प्राप्त करें।
उन्हें फ्लेक्सिबल करिकुलम, स्पेशलाइज्ड कोर्सेज और रिसर्च एक्सपोज़र के अवसरों तक पहुंच प्राप्त होगी, जो उनके स्किल और रोज़गार क्षमता को और अधिक बढ़ाएगा। इस स्टेटस की प्रमुख विशेषताओं में से एक यह है कि सीईसी-सीजीसी लांडरां अब स्वयं को सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में स्थापित करने की क्षमता प्राप्त करेगा, जहां वह अकादमिक क्वालिटी, रिसर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर तथा फैकल्टी डेवलपमेंट को सुदृढ़ करने के लिए अधिक धनराशि का उपयोग कर सकेगा।
इसके साथ ही यह इंडस्ट्री, गवर्नमेंट एजेन्सीज़ और इंटरनेशनल ओर्गनइजेशन्स के साथ साझेदारियों के नए रास्ते खोलेगा, जिससे छात्रों के लिए इंटर्नशिप और नौकरी के अवसरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।