शिरोमणी अकाली दल के वरिष्ठ नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज बाबा साहिब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ने के प्रयास की निंदा करते हुए इसे समाज में बंटवारा पैदा कर पंजाब में शांति और साम्प्रदायिक सदभाव को बिगाड़ने की कोशिश को उजागर करने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा,‘‘ प्रतिमा पर हमला गणतंत्र दिवस पर किया गया, जब पूरा राज्य और पवित्र शहर हाई अलर्ट पर था।
इस विफलता के लिए अमृतसर पुलिस कमिशनर की जवाबदेही तय की जानी चाहिए और कमिशनर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस कमिशनर को यह भी बताना चाहिए कि अमृतसर पुलिस ने ऐसी घटना क्यों होने दी और अपने कर्तव्य का पालन करने की घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।’’
वरिष्ठ अकाली नेता ने कहा कि यह स्पष्ट है कि पंजाब विरोधी ताकतें पंजाब की शांति भंग करने के लिए काम कर रही हैं, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान स्थिति को सुधारने के लिए कुछ नही कर रहे हैं । उन्होने कहा कि गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्र में हाल ही में हुए बम धमाकों का जायजा लेने के लिए कोई समीक्षा मीटिंग नही की है।
उन्होने कहा कि अब भी आम आदमी पार्टी की सरकार यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि सब कुछ नियंत्रण में है, जबकि सच्चाई यह है कि समाज का हर वर्ग, जिसमें कमजोर वर्ग भी शामिल है लगातार डर में जी रहा है। उन्होने यह भी बताया कि कैसे मुख्यमंत्री स्थिति का जायजा लेने में नाकाम रहे हैं और सुरक्षा खतरों के कारण अपने गणतंत्र दिवस पर संबोधन के लिए स्थान को फरीदकोट से पटिययाला करके एक गलत संदेश दिया है।
इस घटनाक्रम के बारे बोलते हुए सरदार मजीठिया ने पूछा कि एक व्यक्ति मूर्ति पर चढ़ने के लिए सीढ़ी कैसे लगा सकता है और सीढ़ी को वहां क्यों छोड़ दिया गया। उन्होने कहा,‘‘ यह सब गणतंत्र दिवस पर संविधान के निर्माता बाबा साहेब बी.आर.अंबेडकर का अपमान करने और राज्य में माहौल खराब करने की एक व्यापक साजिश की ओर इशारा करता है।’’
इस बीच नगर निगम के मेयर के चुनाव के बारे में बोलते हुए सरदार मजीठिया ने कहा,‘‘ चूंकि किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नही मिला है, इसीलिए मैं प्रस्ताव रखता हूं कि अगर आम आदमी पार्टी, अकाली दल के उम्मीदवार को समर्थन देती है और उन्हे शहर का नया मेयर चुनती है तो अकाली दल यह जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है।’’ उन्होने कह कि पिछले पांच सालों से निगम पर नियंत्रण रखने वाली कांग्रेस कोई भी विकास कार्य करने में विफल रही है।
उन्होने कहा,‘‘ लोगों को अकाली दल पर पूरा भरोसा है और वह अपने पिछले रिकाॅर्ड के अनुसार तेजी से विकास करेगें।’’ उन्होने सत्तारूढ़ पार्टी के दबाव के आगे नही झूकने के लिए अकाली दल के चार पार्षदों की भी सराहना की, जिन्होने उनकी वफादारी खरीदने की कोशिश की थी।